40 मिनट तक कैद रहे SBI कर्मी, आखिर क्यों लखनऊ में ग्राहकों ने गिराया बैंक का शटर?
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/68100793-1769006679090-1769006687839.webpबैंक के बाहर खड़े खाता धारक व पुलिसकर्मी। जागरण
संवाद सूत्र, काकोरी (लखनऊ। बैंक आफ बड़ौदा के विरुद्ध खाताधारकों का गुस्सा ठंडा हुआ नहीं कि बुधवार को काकोरी कस्बे में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) के ग्राहक भड़क उठे। बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र में गत दिसंबर में ठगी के शिकार खाताधारकों को पैसे नहीं मिलने पर वे भी प्रदर्शन करने पहुंचे गए।
सुबह करीब 10 बजे जैसे ही बैंक प्रबंधक व कर्मचारी अंदर गए, करीब 40 खाताधारकों ने शटर गिरा दिया। अचानक शटर बंद होने से शाखा परिसर में हड़कंप मच गया। बाहर 40 मिनट तक हंगामा चला। आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर सभी को समझाया। तब लोगों ने शटर उठाया।
एसबीआइ के ग्राहकों को ठगी का करीब एक महीने पहले पता चला। काकोरी में एसबीआइ शाखा के बगल ही ग्राहक सेवा केंद्र है। केंद्र संचालक नरेंद्र कुमार ने कई ग्राहकों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। इसको लेकर पांच जनवरी को भी ग्राहकों ने प्रदर्शन किया था।
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने नरेंद्र के खिलाफ 10 जनवरी को मुकदमा दर्ज किया था। भट्ठा टोला निवासी कुसमा ने बताया उन्होंने पांच लाख रुपये किस्तों में जमा किए थे, लेकिन खाते में एक भी रुपया नहीं मिला।
टिकरिया गांव निवासी प्रदीप के तीन लाख रुपये, सागर तालाब की माया के 50 हजार, गुरदीन खेड़ा निवासी रामा देवी के 30 हजार, राजकुमारी के 30 हजार, चिलौली की रीता के 65 हजार, वली नगर की गुड्डन के 26 हजार रुपये गायब हैं।
मुनव्वर जहां ने बताया कि बेटी सोनी के 80 हजार और अपने 30 हजार रुपये, कुल 1.10 लाख रुपये खाते से गायब हैं। पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत करने पर बैंक अधिकारी उल्टे सबूत मांगते हैं और विरोध करने पर फटकार लगाकर बाहर कर देते हैं।
उनका कहना है कि इस धोखाधडी में संलिप्त बैंककर्मियों की भूमिका की भी जांच हो। बिना उनकी संलिप्तता इतनी बड़ी धोखाधड़ी नहीं हो सकती। बैंक पर प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर सतीश राठौर व कस्बा चौकी इंचार्ज आशीष बालियान ने आक्रोशित ग्राहकों को समझा बुझा कर शांत किया।
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