Godda News: मजिस्ट्रेट की पत्नी की हत्या के लिए शूटरों को मिली थी दो लाख की सुपारी, तीन हमलावर गिरफ्तार
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/Godda-News-1769007483768.webpमजिस्ट्रेट की पत्नी की हत्या के लिए शूटरों को मिली थी दो लाख की सुपारी
जागरण संवाददाता, गोड्डा। समस्तीपुर में पदस्थापित न्यायिक दंडाधिकारी संतोष कुमार साह की पत्नी वंदना कुमारी साह की हत्या के लिए शूटरों को दो लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट के भाई सुबोध कुमार साह सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने प्रेस वार्ता में गोलीकांड का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में सुबोध कुमार साह के अलावा मो. आरिफ और श्याम कुमार साह शामिल हैं। एसपी ने कहा कि पुलिस ने तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर पूरे मामले की गुत्थी सुलझा ली है।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, वंदना कुमारी साह ने गोड्डा न्यायालय में अपने पति, जो वर्तमान में समस्तीपुर में पदस्थापित हैं, के विरुद्ध एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें उनकी गवाही चल रही थी। गवाही की तिथि के दिन ही मजिस्ट्रेट का भाई सुबोध कुमार साह गोड्डा पहुंचा था। गवाही देकर लौटने के दौरान सुबोध के इशारे पर कहलगांव के दो शूटरों ने वंदना कुमारी साह पर गोली चला दी।
एसपी ने बताया कि शूटरों को महिला की पहचान मजिस्ट्रेट के भाई ने ही कराई थी और इसी काम के लिए उन्हें दो लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। घटना को अंजाम देने के लिए तीन बाइक पर कुल छह लोग शामिल थे। एक बाइक पर सुबोध कुमार साह सवार था, जबकि अन्य दो बाइक पर श्याम कुमार साह और अन्य शूटर मौजूद थे।
गिरफ्तार आरोपित मो. आरिफ कहलगांव थाना क्षेत्र के काजीपुर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, वह सुबोध साह के परिवार का परिचित था और उसी के माध्यम से शूटरों की व्यवस्था की गई थी। गोलीकांड के बाद प्रयुक्त हेलमेट, बाइक और अन्य सामान मो आरिफ के घर पर ही छिपाकर रखा गया था।
पुलिस ने घटनास्थल से गोली का अग्रभाग, घटना में प्रयुक्त दो बाइक, एक देसी कट्टा, खोखा सहित अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस के अनुसार, सभी हमलावर नशे के आदी हैं और स्मैक का सेवन करते हैं। फरार तीन आरोपितों की पहचान कर ली गई है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस मामले के उद्भेदन में एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी, प्रशिक्षु डीएसपी कुमार गौरव, इंस्पेक्टर विष्णुदेव चौधरी, नगर थानेदार दिनेश महली, पथरगामा प्रभारी शिवदयाल सिंह, महागामा प्रभारी मनोज कुमार पाल सहित ध्रुव कुमार, रौशन कुमार, राज गुप्ता, पंकज कुमार, रोमा कुमारी, रोहित कुमार यादव, अंकित कुमार झा, गौरव कुमार, खालिद अहमद खान और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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