सूरत में उद्धाटन से पहले ही गिरा 21 करोड़ की लागत से बना पानी का टैंक, पुलिस ने 7 लोगों को किया गिरफ्तार
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/Water-tank--1769009852098.webpउद्धाटन से पहले ही गिरा पानी का टैंक।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सूरत में एक नए बने पानी के टैंक के ढहने के बाद, गुजरात पुलिस ने एक्शन लेते हुए आपराधिक मामला दर्ज किया है और गिरफ्तारियां शुरू कर दी हैं। यह घटना राज्य प्रशासन के लिए बहुत बड़ी शर्मिंदगी की वजह भी बन गया है।
गैपगला ग्रुप वाटर सप्लाई स्कीम का गौरव बनने वाला था, जो 33 गांवों की प्यास बुझाने के लिए डिजाइन किया गया था। 21 करोड़ रुपए की लागत से बना ये पानी का टैंक अब प्रशासनिक शर्म का प्रतीक बन गया है।
हादसे में 3 मजदूर घायल
19 जनवरी को जब इंजीनियरों ने ताड़केश्वर गांव में नए बने 15 मीटर ऊंचे पानी के टैंक को रूटीन कैपेसिटी टेस्ट के लिए भरा, तो ढांचा न केवल लीक हुआ बल्कि टूट गया। कुछ ही पलों में 9 लाख लीटर पानी ने विध्वंसक रूप धारण कर लिया और पूरे आरसीसी ढांचे को उद्धाटन से पहले ही बहा ले गया। इस घटना में तीन मजदूर घायल हो गए।
साइट से मिली तस्वीरों में मुड़े हुए स्टील और उखड़ते कंक्रीट का कब्रिस्तान दिखा रहा है, जिससे प्रोजेक्ट में इस्तेमाल किए गए घटिया मटीरियल को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़क गया।
पुलिस ने मांडवी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज किया है, जिसमें विशेष रूप से धारा 316(5): सरकारी कर्मचारी या एजेंट द्वारा आपराधिक विश्वासघात, धारा 318(4): धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति की डिलीवरी करवाना और धारा 125(A): जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्य संबंधी धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस ने 7 लोगों को किया गिरफ्तार
मेहसाणा, अहमदाबाद और सूरत में एक साथ की गई रेड में, पुलिस ने कंस्ट्रक्शन और सुपरविजन में शामिल सात बड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जय सोमाभाई चौधरी को भी आरोपी बनाया है, जिनकी गिरफ्तारी अभी बाकी है।
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