तेलंगाना में नई अपराध पंजीकरण प्रणाली: पीड़ितों को नहीं जाना होगा थाना, घर पर दर्ज होगी FIR
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/Police-Station--1769015599023.webpतेलंगाना शुरू होगी नई अपराध पंजीकरण प्रणाली।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेलंगाना में कानून व्यवस्था को सुलभ और नागरिकों के लिए आसान बनाने के लिए नई अपराध पंजीकरण प्रणाली शुरू होगी। इसमें सीआईडी अपराधों के पंजीकरण के लिए नागरिक केंद्रित व्यवस्था शुरू होगी। इसमें पॉक्सो केस भी शामिल हैं। इसके तहत पीड़ितों को पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं होगी। इसे अगले हफ्ते लॉन्च किया जाएगा।
सीआईडी की एडिशनल डीजीपी चारू सिन्हा ने बताया सिस्टम को इस तरह के तैयार किया गया है, जिसमें कुछ खास तरह के आपराधों में प्राथमिकी दर्ज करके पीड़ित का बयान उसके घर या पसंद का जगह पर दर्ज किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा इसे शुरू कर दिया गया है और अधिकारियों की ट्रेनिंग चल रही है। एक हफ्ते में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पहल 27 जनवरी से शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि देश में इस तरह की यह पहली पहल है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में, पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध, एससी, एसटी (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत अपराध, बाल विवाह निषेध एक्ट के तहत अपराध, और तेलंगाना रैगिंग निषेध एक्ट के तहत अपराधों में, पीड़ित और सूचना देने वाले अक्सर कमजोर, नाजुक या दर्दनाक स्थिति में होते हैं।
वे शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन जाने के लिए शारीरिक या मानसिक रूप से तैयार नहीं हो पाते हैं। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए तेलंगाना पुलिस ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए स्टेशन केंद्रित मॉडल से नागरिक केंद्रित मॉडल ला रही है। इस तरह मिली शिकायत की प्राथमिकी दर्ज करने के लिए अधिकारी को संबंधित पुलिस स्टेशन भेजा जाएगा। प्राथमिकी की कॉपी पीड़ित या सूचना देने वाले को उनके घर या पसंद की जगह पर दी जाएगी।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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