Kanpur Kushagra Murder Case: कुशाग्र को दी थी दर्दनाक मौत, ट्यूशन टीचर रचिता का प्रेमी ने घोंटा था गला, शिवा दे रहा था पहरा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/21/article/image/Kushagra-Murder-Case-(1)-1769016639842.webpजागरण संवाददाता, कानपुर। चर्चित कुशाग्र अपहरण हत्याकांड में 26 महीने के लंबे इंतजार के बाद ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और उसके दोस्त आर्यन गुप्ता उर्फ शिवा को दोषी करार दिया गया। तीनों ने फिरौती की रकम के लिए कुशाग्र की हत्या की साजिश रची थी।
रचिता ने ही कुशाग्र की अपने प्रेमी प्रभात से मुलाकात कराई थी। 30 अक्टूबर 2023 को प्रभात बहलाकर कुशाग्र को अपने घर ले गया और गला घोंट दिया था। उसका दोस्त शिवा बाहर पहरा दे रहा था। कुशाग्र के परिवार को अब तीनों दोषियों की सजा का इंतजार है और फांसी की सजा की मांग कर रहा है।
रायपुरवा के आचार्य नगर निवासी कपड़ा कारोबारी मनीष कनोडिया के 17 वर्षीय बेटे कुशाग्र की 30 अक्टूबर 2023 को उसकी ही ट्यूशन टीचर रचिता वत्स ने अपने प्रेमी प्रभात शुक्ला और उसके दोस्त आर्यन गुप्ता उर्फ शिवा के साथ मिलकर अपहरण के बाद हत्या कर दी थी। 30 अक्टूबर को शाम चार बजे कुशाग्र स्कूटर से कोचिंग के लिए निकला था, जहां रास्ते में प्रभात मिला जो उसे बहलाकर ओमनगर इंद्रकुटी हाता स्थित अपने घर ले गया, जहां रचिता भी आ गई।
प्रभात इसके बाद कुशाग्र को एक छोटे कमरे में ले गया और गला घोंटकर हत्या कर दी। इस दौरान शिवा कमरे के बाहर खड़ा था। कुशाग्र की हत्या के बाद प्रभात और शिवा, रचिता का स्कूटर लेकर कुशाग्र के घर पहुंचे और अपहरण व 30 लाख की फिरौती का पत्र डाला। हालांकि फ्लैट के गार्ड राजेंद्र ने रचिता का स्कूटर पहचान लिया।
स्वजन रचिता के घर पहुंचे तो उसने कहा कि स्कूटर प्रभात लेकर गया था। इसके बाद पुलिस के साथ स्वजन प्रभात के घर पहुंचे, जहां कुशाग्र का शव बरामद हो गया। रचिता ने बताया कि उसे प्रभात से शादी करनी थी, जिसके लिए रुपयों की जरूरत थी। इसी वजह से उसने कुशाग्र के अपहरण की योजना बनाई थी। 31 मार्च 2024 को तीनों के खिलाफ पुलिस ने गैंग्स्टर एक्ट में कार्रवाई की थी।
कुशाग्र के घर फेंके गए पत्र से की उलझाने की कोशिश
हत्यारों ने फिरौती के लिए कुशाग्र के घर फेंके गए पत्र को धार्मिक रंग देते हुए लिखा था कि मैं नहीं चाहता कि आपका त्योहार बर्बाद हो। आप मेरे हाथ में पैसे रखो और आपका लड़का एक घंटे बाद आपके पास होगा। हम आपको कल फोन करेंगे। अल्लाह हू अकबर। लड़के का स्कूटर आपके घर के पास खड़ा है। मैं आपका नुकसान नहीं चाहता। आपसे बार-बार बोल रहा हूं कि घबराओ नहीं। आप अल्लाह पर भरोसा रखो। हत्यारों ने 30 लाख की फिरौती मांगते हुए स्वजन को नजीराबाद क्रासिंग चौराहे के पास बुलाया था।
ट्यूशन टीचर की काल से हुआ शक तो पकड़ी गई
अपहरण के बाद गार्ड राजेन्द्र कुमार ने कुशाग्र के मामा अभिषेक अग्रवाल को ट्यूशन टीचर रचिता की स्कूटर के बारे में बताया। मामा ने कुशाग्र के छोटे भाई आदी से रचिता का मोबाइल नंबर लिया और काल की। मामा को लगा कि काल करना गलत हो सकता है। इसलिए एक घंटी के बाद काट दिया, मगर आदी ने रचिता को फोन कर दिया कि आपकी स्कूटर से कौन आया था। भइया (कुशाग्र) कहां हैं। इस पर रचिता ने जवाब दिया कि वह घर पर है और स्कूटर प्रभात के पास है। आधे घंटे बाद ही रचिता का फोन मामा के मोबाइल पर आया। रचिता ने पूछा कि आप कौन बोल रहे हैं। अभिषेक ने जवाब दिया कि कुशाग्र का मामा बोल रहा हूं। वह सीधे कहने लगी- क्या पत्र, कौन सा पत्र आया है। उसकी स्कूटर से कौन आया है क्या मामला है। आप लोग मेरा नाम क्यों ऐसे ले रहे हैं। इस बात के बाद पुलिस पर रचिता पर शक हुआ और वह पकड़ी गई।
पैसे का इंतजाम होते ही घर पर पूजन वाले झंडे लगा देना
ये बात पुलिस या किसी रिश्तेदार को न बताएं कि हमने कुशाग्र का अपहरण कर लिया है। आप जल्दी से 30 लाख रुपये का इंतजाम कर लो। और अगर ये बात कहीं फैली तो इसके जिम्मेदार आप खुद होंगे। रुपये देने के एक घंटे बाद अपना बच्चा घर में देखो और रुपये लेकर रात दो बजे नजीराबाद चौराहे पर मिलो। रुपयों का इंतजाम होते ही घर पर चारों तरफ पूजन वाले झंडे लगा देना। मैं देख लूंगा, इसके बाद आपको फोन करूंगा।
कुशाग्र के जन्मदिन पर ही बनाई थी योजना
13 अक्टूबर को कुशाग्र का जन्मदिन होता है। 13 अक्टूबर 2023 को कुशाग्र के जन्मदिन पर रचिता वत्स अपने प्रेमी प्रभात शुक्ला को पहली बार उसके घर लेकर गई थी। रचिता ने प्रभात को अपना ब्वायफ्रेंड बताकर कुशाग्र के स्वजन से मिलवाया था। प्रभात ने कुशाग्र से कोचिंग आने-जाने के समय और रास्ते को लेकर जानकारी ले ली थी। कुशाग्र के परिवार का वैभव देखकर ही रचिता ने अपने प्रेमी प्रभात के साथ मिलकर अपहरण करने की योजना बनाई थी।
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