बैंकों की मनमानी: यूपी के 1500 युवाओं का भविष्य अधर में, सीएम की ड्रीम प्रोजेक्ट योजना पर फेरा पानी!
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/cm-yuva-yojna-1769021360226.webpप्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बदायूं। शहर के न्यू आदर्श कालोनी निवासी अर्ची ने अपने पति की मदद के लिए सोचा कि वह भी व्यापार करेगी। मग में डिजाइन बनाने की मशीन लगाने के लिए सीएम युवा उद्यमी अभियान में ऋण पाने के लिए आवेदन किया। जिला उद्योग केंद्र से उनका आवेदन स्वीकर कर बैंक को भी भेज दिया गया। लेकिन बैंक ने बिना किसी कारण बताए ही उनका आवेदन निरस्त कर दिया।
फिलहाल अर्ची अपने पति का सहयोग करने के विचार को दबा कर घर के कामों में फिर से व्यस्त हो गई हैं। यह सिर्फ एक अर्ची की बात नहीं है, बल्कि ऐसे कई युवा जो सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिए अपने सपनों को पूरा करने निकले थे, लेकिन बैंकों की हठधर्मिता और ऋण न देने के कारण के चलते छोटी मोटी कमियों को बताते हुए उनके अावेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया।
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी। इस योजना के तहत युवाओं को पांच लाख तक का गारंटी मुक्त और ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। पहले साल इस योजना के तहत जिले के करीब एक हजार युवाओं को ऋण प्राप्त हुआ था, जिसके जरिए उन्होंने अपने उद्यम की शुरुआत की थी। लेकिन इस बार इस योजना का लक्ष्य 1700 है।
इसमें 1700 युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाना है। इसके लिए जिले में कुल 3877 युवाओं ने आवेदन भी किए। जिला उद्योग विभाग की ओर से 2943 युवाओं के आवेदनों को स्वीकृति देते हुए ऋण देने के लिए बैंकों को भेज दिया गया था। लेकिन इसमें से अब तक सिर्फ 896 युवाओं के ऋण ही स्वीकृत हो सके। जबकि पांच सौ आवेदन के करीब बैंकों में लंबित बताए जा रहे हैं।
शेष आवेदनों को बैंक की ओर से निरस्त कर दिया गया है। इन निरस्त आवेदन वाले आवेदकों से संपर्क किया गया तो उनमें से अधिकतर ने बताया कि बैंकों ने छोटी मोटी कमियाें को बता कर उनकी फाइल रिजेक्ट कर दी। कई को ताे पता ही नहीं था कि आखिर उनकी फाइल रिजेक्ट क्यों हुई है। फिलहाल ऐसे 1547 आवेदक हैं, जिनके आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं।
डीएम ने बैंक मैनेजरों को भेजे नोटिस
जिला उद्योग केंद्र की ओर से ऐसे बैंकों को चिन्हांकन किया गया, जिनकी ओर से सबसे अधिक आवेदन निरस्त किए गए थे। इसमें बैंक आफ बड़ौदा, एसबीआइ, पीएनबी आदि शामिल हैं। जिला उद्योग केंद्र की ओर से इसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम और एलडीएम को भेजी गई थी। लेकिन इसके बाद भी कोई जवाब न दिया जाना और अब तक लक्ष्य के सापेक्ष कार्य में प्रगति न होने पर अब जिला उद्योग केंद्र की रिपोर्ट के आधार पर डीएम अवनीश राय की ओर से भी इन बैंक के अधिकारियों को नोटिस भेज कर जवाब मांगा गया है।
बैंकों के पास जो आवेदन आए थे, उनमें से 896 लोगों के ऋण स्वीकृत कर दिए गए हैं। कई के रिजेक्ट किए गए हैं। इस समय बैंकों के पास पांच सौ के करीब आवेदन बचे हैं, उनकी प्रक्रिया जारी है। अब और आवेदन आएंगे तो उनमें जांच कर ऋण वितरित किए जाएंगे। जिले का जो लक्ष्य है, उसे शत प्रतिशत पूरा किया जाएगा।
- रिकेश रंजन, एलडीएम
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के तहत जो आवेदन आ रहे हैं। उन आवेदनों को देख कर स्वीकृति देते हुए बैंकों को आवेदन भेजे जा रहे हैं। अब तक 896 आवेदनों पर ऋण की स्वीकृति की गई है। हाल ही में जिले में ज्वाइन किया है। जल्द ही बैंक मैनेजरों से मुलाकात कर अधिक से अधिक ऋण वितरित कराए जाएंगे। बैंकों की तरफ से लापरवाही सामने आई है। इसके लिए प्रयास किया जाएगा गलत रिजेक्शन न हो।
- आशीष गुप्ता, उपायुक्त उद्योग
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