बिहार में दाखिल-खारिज के 46 लाख आवेदन लंबित, 26 जनवरी से अभियान चलाकर किया जाएगा निपटारा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/Land-mutation-1769037928339.webpसांकेतिक तस्वीर
प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर। जमीन से जुड़े दाखिल-खारिज और परिमार्जन के मामलों का युद्धस्तर पर निष्पादन किया जाएगा। इसके लिए 26 जनवरी से 31 मार्च तक अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने प्रमंडलीय आयुक्त, समाहर्ता समेत सभी अंचलाधिकारियों को पत्र भेजा है।
इसमें उन्होंने लिखा है कि राज्य में राजस्व महाअभियान के क्रम में 46 लाख परिमार्जन प्लस/दाखिल खारिज के आवेदन एकत्रित किए गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दौरान उक्त आवेदनों को युद्धस्तर पर निष्पादन का निर्देश दिया है। इसे देखते हुए 26 जनवरी से इन लंबित आवेदनों के निष्पादन की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने 31 मार्च तक यह अभियान चलेगा। इस अवधि में सभी आवेदनों के निष्पादन की बात कही गई है। इससे राज्य में दाखिल खारिज एवं परिमार्जन के बड़ी संख्या में आवेदकों को राहत मिलेगी। राज्य में आए 46 लाख आवेदनों में 40 लाख परिमार्जन के ही हैं।
दो श्रेणियों में बांटे जाएंगे आवेदन
प्रधान सचिव ने आवेदनों को दो श्रेणियों में बांटने को कहा है। एक विवादित और दूसरा अविवादित। इनमें अविवादित आवेदनों का जिला मुख्यालय स्तर पर निष्पादन किया जाएगा। विवादित मामलों का निष्पादन शिविर लगाकर किया जाएगा। राजस्व सेवा शिविर का आयोजन पंचायत भवनों में अंचल अधिकारी एवं संबंधित हलका कर्मचारी के सामने किया जाएगा।
शिविरों में स्थल पर ही सुनवाई, अभिलेख सत्यापन एवं आदेश पारित करने की व्यवस्था रहेगी। ऐसी स्थिति में सरकारी लैपटाप आदि का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। एक ही परिवार या खाताधारी से संबंधित मामलों का समेकित निष्पादन किया जाएगा। इसमें समान परिस्थितियां समान आदेश का सिद्धांत कायम रखने की बात कही गई है।
वरीय अधिकारी करेंगे मानीटरिंग
शिविर में आवेदनों के निष्पादन के पर्यवेक्षण का दायित्व डीसीएलआर और अपर समाहर्ता को दिया गया है। वहीं हलकावार माइक्रो प्लान को समाहर्ता के नेतृत्व में पूर्ण किया जाएगा। प्रमंडलीय आयुक्त को संपूर्ण मानीटरिंग का दायित्व दिया गया है।
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