सरस्वती पूजा पटना प्रशासन अलर्ट: शांति व्यवस्था के लिए 66 से अधिक अधिकारी तैनात, डीजे-आतिशबाजी पर रोक
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/Saraswati-Puja-1769041104350.webpसरस्वती पूजा पर 44 जगहों पर 66 से अधिक मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी तैनात
जागरण संवाददाता, पटना। सरस्वती पूजा (वसंत पंचमी) पर शांति व सौहार्द्र बनाए रखने के लिए बुधवार को जिलाधिकारी डा. त्यागराजन एसएम व एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने संयुक्त आदेश जारी किया है। अधिकारी द्वय ने कहा कि पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण व यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पूजा के पूर्व, दौरान व विसर्जन, तीनों चरणों के लिए सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था की गई है।
इसके लिए जिलास्तर से जिला मुख्यालय व आसपास के 44 प्रमुख स्थलों पर 66 से अधिक दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थलों पर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) भी तैनात रहेगी। दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में सशस्त्र बल, महिला बल व लाठी बल रहेगा। जिला नियंत्रण कक्ष में भी तीन पालियों में 24 दंडाधिकारियों को रिजर्व रखा गया है।
सभी एसडीओ व एसडीपीओ को अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार मजिस्ट्रेट व पुलिस बल प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया है। डीजे को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है तो लाउडस्पीकर भी सुबह 6 से रात 10 बजे तक ही बजाया जा सकेगा। मूर्तियों व सजावटी समान का विसर्जन नदियों में नहीं किया जा सकेगा, इसके लिए घाटों पर कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं।
हास्टल, होटल व लाज की जांच, फ्लैग मार्च का आदेश
डीएम व एसएसपी ने कहा कि सभी पदाधिकारी सजग व तत्पर रहते हुए शांति समिति की बैठक, सोशल मीडिया मानिटरिंग, आसूचना तंत्र सक्रिय रख किसी भी प्रकार की अफवाह का तुरंत खंडन करें। एसडीओ व एसडीपीओ हास्टल के छात्रों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। इसके साथ होटल, लाज व छात्रावासों की नियमित जांच करें। निरंतर भ्रमणशील रहते हुए संदेहास्पद गतिविधियों पर नजर रखें।
थानाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई है कि बिना लाइसेंस कोई पंडाल या विसर्जन जुलूस नहीं निकले और लाइसेंस के नियमों का सख्ती अनुपालन कराएं। मजिस्ट्रेट विसर्जन यात्रा की वीडियोग्राफी कराने के साथ सीसीटीवी से निगरानी रखेंगे। बड़े पंडालों में सीसीटीवी अनिवार्य रहेगा। कृत्रिम तालाब घाटों पर भी दंडाधिकारी व पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे।
जुलूस के साथ गश्ती दल चलेंगे, इसकी ड्रोन से निगरानी की जाएगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) व क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम (क्यूएमआरटी) तैनात रहेगी। मद्य-निषेध अधिनियम का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
संदेहास्पद सूचना की इन नंबरों पर दे तुरंत सूचना
किसी भी संदेहास्पद सूचना की जानकारी जिला नियंत्रण कक्ष 0612-2219810 व 2219234) या डायल 112 पर दी जा सकती है। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूजा समिति के लगभग 20-20 कार्यकर्ताओं की सूची रख वाट्स ग्रुप बना मजबूत किया जाए आपसी संवाद।
पूजा के दौरान आपत्तिजनक स्लोगन, कार्टून व आतिशबाजी पर प्रतिबंध है। गंगा व अन्य नदियों पर नाव परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। विसर्जन के दौरान आकस्मिकता से निपटने को एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम तैनात रहेंगी।
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