अब AIIMS समेत दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में तीमारदारों को मिलेगी खास सुविधा, कोर्ट ने दिया था निर्देश
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/17_06_2024-aiims_23741052-1769049879538.webpएम्स दिल्ली अस्पताल। जागरण
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड ने हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए बड़े सरकारी अस्पतालों के बाहर मरीजों और तीमारदारों के लिए करीब 800 बेड लगाए हैं।
कोर्ट ने 14 जनवरी को डूसिब को अस्पतालों खासकर एम्स, आरएमएल हॉस्पिटल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज, सफदरजंग ट्रॉमा सेंटर और वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज के बाहर उपचार की प्रतीक्षा कर रहे लोगों के लिए पर्याप्त नाइट शेल्टर की सुविधा पक्का करने का निर्देश दिया था, ताकि ठंड के मौसम में जरूरतों को पूरा किया जा सके।
डूसिब के अधिकारियों के मुताबिक, एम्स के बाहर करीब 400 बेड लगाए गए हैं, जबकि आरएमएल हॉस्पिटल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के बाहर 200-200 बेड लगाए गए हैं। शुरू में जमीन की कम उपलब्धता के चलते दिक्कत हुई, जिसके बाद एम्स ने नाइट शेल्टर बनाने के लिए जगह दी।
इसके अलावा बेघर लोगों के लिए पूरी दिल्ली में करीब 350 अस्थाई शेल्टर बनाए गए हैं। दीर्घकालीन उपाय के तौर पर अहमदाबाद के एक एनजीओ की मदद से अंसारी नगर वेस्ट में दो एकड़ के प्लाट पर 3,000 बेड की क्षमता वाला विश्राम सदन बनाने का प्रस्ताव है।
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विंटर एक्शन प्लान के तहत हर वर्ष लगभग 250 पगोडा टेंट लगाते हैं। वर्तमान में 197 शेल्टर होम चल रहा है, जिसमें 82 पक्की बिल्डिंग और 115 पोर्टा केबिन शामिल हैं।
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