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वसंत पंचमी से कान्हा की नगरी में शुरू होगा होली का उल्लास, हुरियारे के रूप में दर्शन देंगे बांकेबिहारी

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कल से ब्रज में होली का उल्लास, हुरियारे बन दर्शन देंगे आराध्य



जागरण संवाददाता, मथुरा। शुक्रवार को वसंत पंचमी है। इसी के साथ ब्रज में होली का उल्लास छाएगा। वसंत पंचमी पर ठाकुर बांकेबिहारी कमर में गुलाल का फेंटा बांधकर हुरियारे के रूप में दर्शन देंगे। बरसाना के राधारानी मंदिर और नंदगांव में होली का डांड़ा (होली शुरू होने का संकेत) गाड़ा जाएगा और फिर इसी के साथ होली की मस्ती शुरू होगी।

दोनों मंदिरों में प्रतिदिन होली के पदों का गोस्वामी समाज गायन करेगा। वसंत पंचमी से ब्रज में चालीस दिन की होली का उल्लास शुरू होगा।

राधाकृष्ण के अनूठे प्रेम का रूप कहे जाने वाले होली का उल्लास ब्रज में अनूठा है। यहां चालीस दिन तक होली होती है। वसंत पंचमी से होली के रंग बिखरेंगे। 23 जनवरी को वसंत पंचमी है। सभी मंदिरों में ठाकुर जी के सामने गुलाल रखा जाएगा। ठाकुर जी वासंती शृंगार में दर्शन देंगे।

उधर, ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भी वसंत पंचमी से ही आराध्य हुरियारे के रूप में दर्शन देंगे। उनके प्रतिनिधि के रूप में सेवायत श्रद्धालुओं पर गुलाल की वर्षा करेंगे। बरसाना के राधारानी मंदिर और नंदगांव के नंदभवन में भी प्रतिदिन समाज गायन होगा।

होली के पद गाकर आराध्य को रिझाया जाएगा। 24 फरवरी को बरसाना की लड्डू होली के साथ होली की मस्ती और चटक होगी। 25 को बरसाना की जग प्रसिद्ध लठामार होली और 26 को नंदगांव की लठामार होली होगी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि जन्मस्थान में होली का आयोजन 27 फरवरी को होगा। गोकुल में छड़ीमार होली 28 फरवरी को होगी।

यह हैं होली के आयोजन



    तारीख कार्यक्रम / स्थान होली का प्रकार


    21 फरवरी
    रमणरेती आश्रम
    होली


    24 फरवरी
    बरसाना
    लड्डू होली


    25 फरवरी
    बरसाना
    लठामार होली


    26 फरवरी
    नंदगांव व रावल
    लठामार होली


    27 फरवरी
    श्रीकृष्ण जन्मस्थान (मथुरा)
    होली


    28 फरवरी
    गोकुल
    छड़ीमार होली


    05 मार्च
    बलदेव
    हुरंगा


    09 मार्च
    चौरासी खंभा मंदिर
    होली





अद्भुत आभा से मुग्ध करेगा वसंती कमरा

वसंत पंचमी पर 23 जनवरी को शाहजी मंदिर स्थित वसंती कमरे के रंग-बिरंगे झाड़-फनूस, कलात्मक दर्पण से निकलती प्रकाश की अद्भुत किरणें और कमरे के बीच फव्वारों के सामने रत्नजड़ित सिंहासन पर विराजमान ठाकुर राधारमणलालजू की झलक को अपलक निहारते भक्त कमरे की आभा में डूबे नजर आएंगे। कमरे में रंगबिरंगी झाड़ फनूस से झांकती रोशनी भक्तों को आल्हादित करेगी।

बांकेबिहारीजी को अर्पित होगा विशेभ भोग

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य प्रह्लादवल्लभ गोस्वामी ने बताया वसंत पंचमी पर ठाकुरजी का वसंती पोशाक व अलंकारों से शृंगार होगा। ठाकुरजी के गालों पर लाल गुलाल के कुमकुम लगाए जाएंगे और सरसों के फूलों की गुथी हुई माला (गुंजा) अर्पित की जाएगी।

भाेग में केसरिया छेना की खीर, अधौटा दूध, मोहनभोग, बादाम व मूंगदाल और सूजी के हलुआ का विशेष रूप से अर्पित होगा। इसी दिन से ठाकुरजी के समक्ष गोस्वामीगण होली पदों का गायन आरंभ करेंगे।

तीन मार्च को चंद्रग्रहण, दो मार्च को रंगीली होली

आचार्य प्रह्लादवल्लभ गोस्वामी ने बताया इस बार तीन मार्च पूर्णिमा को चंद्रग्रहण पड़ रहा है। ऐसे में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में रंगीली होली का समापन व होलिका दहन दो मार्च को चतुर्दशी तिथि की रात में हो जाएगा। धुलेंड़ी पर्व परंपरागत तरीके से मंदिर में डोलोत्सव के साथ मनाया जाएगा।
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