बिहार में 5 महीने से पेट दर्द से तड़प रही थी महिला, MRI कराने पर डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही आई सामने; होगा एक्शन
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/KISHANGANJ-NEWS-(17)-1769068010573.webpन्यू फोर्टिस हॉस्पिटल में हुआ था ऑपरेशन। (जागरण)
जागरण संवाददाता, किशनगंज। जिले के ठाकुरगंज नगर पंचायत के पावर हाउस स्थित निजी नर्सिंग होम न्यू फोर्टिस हॉस्पिटल पर ऑपरेशन के दौरान महिला मरीज के पेट में काटन (सर्जिकल गाज) छोड़े जाने के मामले में लापरवाही की पुष्टि जांच में हुई है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच टीम ने छह जनवरी को इसकी जांच कर संयुक्त रिपोर्ट डीएम को सौंप दिया है। इस मामले में अब जिलास्तर से कार्रवाई की जा सकती है।
क्या था मामला
महिला के पति ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के निचितपुर गांव के निवासी मु. शमीम ने डीएम को दिए आवेदन में कहा था कि अगस्त माह में उन्होंने अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए न्यू फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां सिजेरियन ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद पत्नी को छुट्टी दे दी गई, लेकिन कुछ ही सप्ताह बाद उसे पेट दर्द की शिकायत होने लगी। पुनः उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के नाम पर कुछ समय रखने के बाद फिर छुट्टी दे दी गई।
उन्होंने बताया कि अक्टूबर माह में पत्नी की तबीयत फिर बिगड़ने पर उसे दोबारा न्यू फोर्टिस हॉस्पिटल लाया गया, लेकिन अस्पताल संचालक ने हाथ खड़े करते हुए किशनगंज के एक निजी अस्पताल जाने की सलाह दी।
वहां एमआरआई जांच में खुलासा हुआ कि ऑपरेशन के दौरान पेट में काटन छूट गया था। इसके बाद लाखों रुपये खर्च कर पत्नी का इलाज कराया गया। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई। महिला के पति ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर अस्पताल संचालक द्वारा चुप रहने के लिए उनके रिश्तेदार के खाते में 16 हजार रुपये भेजे गए थे।
डीएम ने गठित की थी जांच कमेटी
डीएम विशाल राज ने शिकायत के आलोक में अपर समाहर्ता विभागीय जांच, सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र प्रसाद की टीम बनाई थी। जिस आलोक में पहुंची जांच टीम ने न्यू फोर्टिस हॉस्पिटल पहुंचकर वहां तैनात चिकित्सक व संचालक से पूछताछ की तथा अस्पताल की कार्यप्रणाली, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, ऑपरेशन थिएटर, उपकरणों एवं आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।
जांच के दौरान अस्पताल बंद पाया गया, जिस पर टीम ने संबंधित लोगों से स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा दूसरे अस्पताल में जहां महिला का इलाज कराया गया था। उनसे भी इलाज संबंधी जानकारी ली गई।
गठित जांच समिति ने इलाज में लापरवाही की पुष्टि होने की रिपोर्ट बुधवार को डीएम को सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होने की उम्मीद है।
टीम सभी बिंदुओं पर गहन जांच किया जिसमें इलाज में लापरवाही की बातें सामने आयी है। इस मामले में संबंधित निजी हॉस्पिटल पर कार्रवाई जिला पदाधिकारी के आदेश से की जाएगी।
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डॉ. राजकुमार चौधरी, सीएस
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