Chikheang Publish time 2026-1-22 13:26:55

डिजिटल गोल्ड में निवेश शरीयत के खिलाफ, मुस्लिम न करें खरीद-फरोख्त, कानपुर के उलमा का फैसला

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जागरण संवाददाता, कानपुर। सोने के डिजिटल निवेश के लिए ऐप का प्रयोग किया जा रहा है। सोने की कीमत बढ़ने पर धनराशि बढ़ जाती है, कीमत घटती है तो धनराशि कम हो जाती है। यह शेयर बाजार के उतार चढ़ाव की तरह है। मुस्लिम सोने की खरीद-फरोख्त ऑनलाइन न करें। इसकी जगह नकद लेन-देन बेहतर है। यह निर्णय कुल हिंद इस्लामिक इल्मी अकादमी की जमीयत बिल्डिंग रजबी रोड में आयोजित बैठक में लिया गया।

डिजिटल सोने पर ऑनलाइन निवेश करने के सवाल पर उलमा ने विचार विमर्श किया। यह तय किया गया कि ऐप के माध्यम से इस तरह की खरीद-फरोख्त शरीयत के अनुसार सही नहीं है। इसमें सोने की आभासी रूप से खरीद-फरोख्त की जाती है। सोना वास्तविक रूप से खरीदार के पास नहीं होता है।

एक अन्य मसले पर कहा गया कि मस्जिदों में सर्दी के दौरान फोम बिछा दिया जाता है। इस पर नमाज पढ़ने में कोई हर्ज नहीं है। बैठक में मुफ्ती इकबाल अहमद कामसी, मौलाना खलील अहमद मजाहिरी, मुफ्ती अब्दुर्रशीद कासमी, मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्राह, मौलाना अनीस खान कासमी, मौलाना इनामुल्लाह कासमी आदि उपस्थित रहे।
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