5 फरवरी से शुरू होंगे शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त, खरमास के बाद मांगलिक कार्यों में तेजी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/Shadi-1769071764539.webp5 फरवरी से शुरू होंगे शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त, खरमास के बाद मांगलिक कार्यों में तेजी
संवाद सूत्र, पुरैनी (मधेपुरा)। मकर संक्रांति के पश्चात खरमास समाप्त हो गया है। खरमास समाप्त होने के उपरांत अब शादी विवाह का सीजन शुरू होने वाला है। शादी विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों की तैयारी लोगों ने अपने स्तर से शुरू कर दी है। आगामी पांच फरवरी से शुरू होने वाले विवाह के शुभ मुहूर्त से शादी की तैयारी वाले घरों में धीरे-धीरे उत्साह का माहौल बनता जा रहा है।
मालूम हो कि आगामी पांच फरवरी से सभी तरह के मांगलिक कार्य के शुरू होने से आमलोग शादी-विवाह, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश, नये प्रतिष्ठान का शुभारंभ सहित अन्य मांगलिक कार्यों की तैयारी में जुट गए हैं। गत 15 जनवरी को भगवान सूर्य के धनु राशि से बाहर निकलने के उपरांत जारी खरमास का समापन मकर संक्रांति को हो गया।
पांच फरवरी से 12 मार्च तक ही शादी-विवाह की कई शुभ तिथियां बताई जा रही है। 12 मार्च के बाद शुभ-विवाह की तिथियां नहीं है। शादी विवाह एवं अन्य मांगलिक उत्सवों पर बैंड बाजे सहित टेंट संचालक आदि की बुकिंग लोग अभी से करने लगे हैं।
वहीं, होटल, मैरेज हॉल एवं धर्मशाला आदि की भी बुकिंग किया जा रहा है, जबकि आमंत्रण कार्ड छपवाने के लिए प्रिंटिंग प्रेस वालों के यहां ऑर्डर आना शुरू हो गया है। प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में शादी-विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों की तैयारी में लोग जुट गए हैं।
शादी-विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों के आहट से कंपकंपाती ठंड एवं शीतलहर के बाद स्थानीय बाजारों की रौनक में गर्माहट होने लगी है।
फरवरी में 12 व मार्च में है आठ शुभ लग्न:
इस बाबत मकदमपुर निवासी पंडित पवन झा ने बताया कि इस वर्ष फरवरी एवं मार्च महीने में विवाह के कई योग बन रहे हैं। इसके अलावे अन्य मांगलिक कार्य भी इस दौरान संचालित होते रहेंगे। उन्होंने बताया कि खासकर शादी शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए।
फरवरी महीने में जहां विवाह के 05, 06, 08, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 व 26 फरवरी सहित कुल 12 दिन शुभ मुहूर्त है। वहीं, मार्च महीने में 01, 03, 04, 07, 08, 09, 11 व 12 मार्च सहित कुल आठ दिन ही विवाह का शुभ लग्न है।
वर-वधू पक्ष की ओर से विवाह संस्कार संपन्न कराने के लिए पंडितों को अभी से आमंत्रित किया जा रहा है। क्यों कि मार्च माह में ही फिर से खरमास प्रारंभ हो जाएगा।
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