कौन है Anshika Singh? सीओ, दारोगा समेत 165 लोगों को कर चुकी है ब्लैकमेल; मोबाइल से खुले चौंकाने वाले राज
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/anshika-singh-1769074743861.webpयुवक को गोली मारने वाली आरोपिता को पुलिस ने गिरफ्तार किया। सौ. पुलिस
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। युवक को गोली मारने वाली अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा के मोबाइल फोन में कई राज छिपे हैं। गोलीकांड के बाद बरामद मोबाइल फोन की जांच पुलिस कर रही है। इसने पांच वर्ष में आमजन को ही नहीं सीओ, दारोगा समेत 165 लोगों को ब्लैकमेल किया है। ये मैसेंजर से लोगों से बात करती थी। फिर वीडियो कॉल कर उनका वीडियो बना लेती थी। इसके बाद दुष्कर्म जैसे फर्जी मुकदमे फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूलती थी। हाल ही में इसने शहर के एक दारोगा को फंसाया था, धमकी मिलने पर समझौते के लिए घंटों पंचायत हुई। सोने की मोटी चेन लेने के बाद उसने दारोगा को छोड़ा था।
पुलिस की जांच में सामने आया कि अंशिका के झांसे में अयोध्या में तैनात सीओ समेत 15 पुलिसकर्मी फंस चुके हैं। धमकी मिलने के बाद सभी ने लेनदेन कर मामले में समझौता किया। हालांकि उच्चाधिकारियों को जब इस मामले का पता चला तो कुछ पर कार्रवाई भी की गई।
अंशिका ने वर्ष 2021 से 2025 के बीच संतकबीर नगर में तीन और गोरखपुर के हरपुर बुदहट थाने में एक दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया और बाद में सुलह के नाम पर धन वसूले। सबसे पहले इसने वर्ष 2021 में हरपुर-बुदहट थाना के एक गांव निवासी पर दुष्कर्म, धमकी और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
बाद में सुलह के नाम पर लाखों रुपये लिए। इसके बाद वर्ष 2023 में वह संतकबीर नगर के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगी। जब मकान मालिक की पत्नी ने एसपी को इसके विरुद्ध प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि देर रात तक उनके मकान के किराएदार के यहां लोगों का आना-जाना बना रहता है। फिर कुछ दिनों बाद मकान मालिक ने मकान में सीसी कैमरे लगा दिए। इसके बाद अंशिका ने उनका मकान खाली कर दिया। फिर कुछ ही दिनों बाद कोतवाली में मकान मालिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। सुलह के नाम पर दो लाख रुपये की मांग की। नहीं देने पर मकान मालिक को जेल जाना पड़ा।
जेल में की मुलाकात, मांगे रुपये, बाहर आने पर फिर दर्ज कराया केस
अंशिका ने मकान मालिक समेत पांच पर मारपीट, धमकी, गाली, दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में मकान मालिक से मिलने के लिए वह जेल में भी गई थी और वहां भी रुपये की मांग की तो मकान मालिक ने देने से इंकार कर दिया। फिर कुछ महीनों बाद जब वह जेल से छूटकर बाहर आए तो अंशिका ने एक सप्ताह बाद दोबारा मुकदमा दर्ज करा दिया। इसने एक और संतकबीरनगर के युवक पर मुकदमा दर्ज कराया, फिर 50 हजार रुपये वसूले। युवक के पिता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत की थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विधायक और पुलिसकर्मियों के बीच थी पहुंच
अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा की पहुंच विधायक और पुलिसकर्मियों के बीच थी। इंटरनेट मीडिया पर वह विधायक और पुलिसकर्मियों के साथ फोटो और वीडियो भी अपलोड की है। जिसका फायदा वह उठाती रही। पहुंच का सबसे अधिक फायदा उसे संतकबीर नगर में मिला, जहां उसने तीन मुकदमे दर्ज कराए। इसमें दो मुकदमे एक ही व्यक्ति पर हैं। गोलीकांड में गिरफ्तार होने के बाद पुलिस सभी मामलों को दोबारा से जांच करेगी। साथ ही उसके मोबाइल फोन से मिलने वाले साक्ष्यों को इकट्ठा कर आगे की कार्रवाई में इस्तेमाल करेगी।
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