HSSCX की 35 फीसदी न्यूनतम अंक नीति पर कुमारी सैलजा का हमला, पॉलिसी को युवाओं के भविष्य पर बताया खतरा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/Kumari_selja-1769078857567.webpHSSCX की 35 फीसदी न्यूनतम अंक नीति पर कुमारी सैलजा की आई प्रतिक्रिया (कुमारी सैलजा फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, सिरसा। हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा भर्तियों में लागू की गई 35 प्रतिशत न्यूनतम अंक की नीति को लेकर कड़ा विरोध सामने आया है। सांसद कुमारी सैलजा ने इस नीति को हरियाणा के युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए कहा है कि यह व्यवस्था चयन की नहीं बल्कि योग्य अभ्यर्थियों को बाहर करने का साधन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस नीति के कारण हजारों पद खाली पड़े हैं और योग्य युवा बेरोजगारी झेलने को मजबूर हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि उपलब्ध आंकड़े साफ बताते हैं कि अनेक विषयों में पात्र और योग्य उम्मीदवार मौजूद होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं की जा रही। सैकड़ों, हजारों पद स्वीकृत होने के बाद भी गिनती के लोगों का चयन हुआ है, जिससे शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन दोनों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पद हैं, उम्मीदवार हैं और जरूरत भी है, तो फिर भर्तियां क्यों रोकी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 35 प्रतिशत न्यूनतम अंकों की यह बाध्यता सबसे ज्यादा आरक्षित वर्गों को नुकसान पहुंचा रही है। पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अंतर्गत बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। सरकार युवाओं के साथ धोखा कर रही है और नौकरियों में आरक्षण को समाप्त करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। यह साफ हो गया है कि आरक्षण केवल कागजों तक सीमित रह गया है और व्यवहार में उसे निष्क्रिय कर दिया गया है ,जो सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।
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