बरामदे और पेड़ के नीचे चलता है 101 बच्चों का स्कूल, बिहार के इस प्राथमिक विद्यालय की हालत दयनीय
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/C-181-1-PAT1580-403441-1769078520466.webpबरामदे और पेड़ के नीचे चलता है 101 बच्चों का स्कूल
संवाद सूत्र, रहुई। एक ओर शिक्षा विभाग शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार नए-नए आदेश और योजनाएं जारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। रहुई प्रखंड अंतर्गत मल्लिचक प्राथमिक विद्यालय इसका जीता-जागता उदाहरण है, जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में शिक्षा दी जा रही है।
मल्लिचक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा की अलख जगाने वाले शिक्षक सीमित संसाधनों के बीच नौनिहालों का भविष्य संवारने में जुटे हैं। विद्यालय में भवन और पर्याप्त फर्नीचर की कमी के कारण बच्चों को हाथ में श्यामपट्ट लेकर पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर पेश करता है।
विद्यालय में कुल 101 बच्चे नामांकित
विद्यालय में कुल 101 बच्चे नामांकित हैं और यहां चार शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। खास बात यह है कि विद्यालय का अपना भवन नहीं है। वर्ष 2014 से यह विद्यालय गांव के महादेव मंदिर के समीप स्थित एक सामुदायिक भवन में संचालित हो रहा है। यहां कक्षा-कक्ष, डेस्क-बेंच और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
मजबूरी में कई बच्चे बरामदे या पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करते हैं। शिक्षक बच्चों को कॉपी के स्थान पर हाथ में श्यामपट्ट देकर अक्षर ज्ञान और गणित का अभ्यास कराते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक पूरी निष्ठा और लगन से पढ़ाई करा रहे हैं, ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो।
बरसात और ठंड के मौसम में भारी परेशानी
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि नामांकन के अनुरूप सुविधाएं नहीं होने से बच्चों को खासकर बरसात और ठंड के मौसम में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इससे बच्चों की एकाग्रता और सीखने की क्षमता प्रभावित होती है।
प्रधानाध्यापिका प्रीति कुमारी ने बताया कि इस समस्या से बीईओ से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
वहीं डीपीओ सह बीईओ आनंद शंकर ने इसे गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि भवन निर्माण को लेकर बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड, पटना को पत्र भेजा गया है। आदेश मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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