deltin33 Publish time 2 hour(s) ago

भागीरथपुरा दूषित जल कांड में किरकिरी के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/kailash-vijayV-2154847-1769092033737.webp

कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, भोपाल। देश के स्वच्छतम शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल का मामला सामने आने के बाद देशभर में मध्य प्रदेश की छवि धूमिल हुई है। क्षेत्रीय विधायक और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की भी किरकिरी हुई। इस प्रकरण के सामने आने के बाद से वह लगातार विपक्ष के निशाने पर बने ही हुए हैं।

इस बीच उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बना ली है। यहां तक कि गणतंत्र दिवस पर ध्वज फहराने के लिए जारी मंत्रियों की सूची में उनका नाम नहीं है। इंदौर में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ध्वज फहराएंगे। इसके पहले कैबिनेट की ब्रीफिंग करने से भी उन्होंने इन्कार कर दिया था। इन घटनाक्रमों के बीच उनकी ओर से बयान जारी किया गया है कि एक पारिवारिक मित्र के यहां गमी (निधन) के चलते वह 10 दिन किसी कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं होंगे।
लगाए जा रहे कयास

पहली बार उनके इस तरह से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर होने के यह भी मायने लगाए जा रहे हैं कि दूषित पेयजल का मामला और इस बीच एक विवादित बयान पर जमकर हुई निंदा से वह आहत हैं। कुछ लोग चर्चा कर रहे हैं कि केंद्रीय नेतृत्व उनसे नाराज हो सकता है। यह भी चर्चा चल पड़ी है कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में उनका वजन कम किया जा सकता है।
तेवर नरम

इंदौर में भी वह सभाओं या कार्यक्रमों में सम्मिलित नहीं हो रहे हैं। इतना जरूर है कि 19 जनवरी को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में वह प्रदेश के अन्य नेताओं के साथ सम्मिलित हुए थे। कैबिनेट की बैठकों में भी कैलाश विजयवर्गीय मुखर रहते हैं। कई बार प्रस्तावों का उन्होंने तर्कों के साथ विरोध भी किया, पर इंदौर के घटनाक्रम के बाद वह अपेक्षाकृत शांत हैं।

यह भी पढ़ें- MP में 50 साल बाद बदलेंगे पेंशन नियम, बेटियों को भी मिलेगा परिवार पेंशन का लाभ, हटेगा आयु का बंधन
अमर्यादित बोल पर झेलनी पड़ी आलोचना

इंदौर की घटना में मीडिया के प्रश्न पर उनके अमर्यादित बोल के चलते उन्हें खूब आलोचना झेलनी पड़ी। मध्य प्रदेश ही नहीं देशभर में पार्टी की किरकरी हुई। विपक्ष ने भी भुनाया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी व अन्य नेताओं ने बयान जारी कर कैलाश विजयवर्गीय को ही नहीं, पूरी पार्टी को भी घेरा। प्रदेश में कांग्रेस ने उनके त्यागपत्र की मांग तक की। प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व पहले ही कुछ नेताओं का नाम लेकर तो कुछ का नाम लिए बिना बड़बोलेपन से बचने के लिए सख्त लहजे में चेतावनी दे चुका है।
पहले भी बयानों पर उठा विवाद

दरअसल, कैलाश विजयवर्गीय ने पिछले एक वर्ष में पांच ऐसे बयान दिए जो विवादों में रहे। बाद में उन्हें सफाई भी देनी पड़ी। इंदौर में ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेटरों के साथ छेड़छाड़ की घटना पर उन्होंने कहा था, खिलाड़ियों को होटल से निकलने के पहले अधिकारियों को बताना चाहिए था। इस बयान की भी खूब आलोचना हुई थी।
Pages: [1]
View full version: भागीरथपुरा दूषित जल कांड में किरकिरी के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com