MPPSC: राज्य व वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस जारी, सामान्य अभिरुचि परीक्षण में नए टॉपिक जोड़े, यहां जानें डिटेल्स
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/MPPSC-2154632-1769097542962_m.webpडिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा व वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का सिलेबस (पाठ्यक्रम) जारी कर दिया है, जिसमें दूसरे पेपर सामान्य अभिरुचि परीक्षण में नए टॉपिक जोड़े गए हैं। आयोग के पोर्टल पर अपलोड सिलेबस में प्रश्न पत्र को सात भागों में बांटा गया है। बोधगम्यता, संप्रेषण कौशल, तार्किक व विश्लेषणात्मक क्षमता, निर्णय लेना व समस्या समाधान, सामान्य मानसिक योग्यता, आधारभूत संख्यात्मकता, हिंदी भाषा में बोधगम्यता कौशल सहित अन्य टॉपिक से जुड़े प्रश्न पूछे गए हैं।
अब अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी इन टॉपिक के आधार पर करनी होगी। आयोग ने 26 अप्रैल को परीक्षा रखी है। अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक परीक्षा के दूसरे पेपर का सिलेबस बदला गया है।
आयोग ने राज्य सेवा और वन सेवा परीक्षा 2026 की अधिसूचना 31 दिसंबर को जारी की थी। 21 विभागों के 156 पदों पर राज्य सेवा और 36 सहायक वन संरक्षक व रेंजर पद पर वन सेवा परीक्षा होगी। 10 जनवरी से 9 फरवरी तक आवेदन की प्रक्रिया रखी गई है। प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन और सामान्य अभिरुचि परीक्षण पेपर होंगे।
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300-300 अंक का प्रत्येक पेपर रखा गया है। आयोग ने 22 जनवरी को प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस भी अपलोड कर दिया है। प्रथम प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन में भारत का इतिहास, मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति व साहित्य, भारत व मध्य प्रदेश का भूगोल, संवैधानिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, विज्ञान व पर्यावरण सहित अन्य टॉपिक से जुड़े प्रश्न आएंगे।
वहीं दूसरे प्रश्न पत्र सामान्य अभिरुचि परीक्षण में सिलेबस बदला गया है। आयोग के मुताबिक 16 अप्रैल से अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड दिए जाएंगे। 26 अप्रैल को प्रदेशभर के 52 जिलों में परीक्षा आयोजित की जाएगी।
प्रदर्शन की नहीं मिली अनुमति
राज्य सेवा परीक्षा 2026 में कम पद निकाले जाने को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी है। पिछले कई दिनों से आयोग को पद बढ़ाने पर जोर दिया गया है। मांगों को लेकर अभ्यर्थियों को प्रदर्शन करने की जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है। गुरुवार को दूसरी बार अभ्यर्थियों का आवेदन खारिज कर लौटा दिया गया है। अधिकारियों के इस रवैये से अभ्यर्थी भड़के हुए हैं।
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