डिजिटल जनगणना 2027 का रोडमैप तैयार: 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा पहला फेज, पूछे जाएंगे 33 सवाल
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/jagran-photo-1769101788303_m.webpइस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी (फोटो- जेएनएन)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 2027 में होने वाली जनगणना के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गुरुवार को जारी नोटिफिकेशन में पहले चरण (हाउस लिस्टिंग) के लिए 33 सवालों की सूची जारी की गई है, जिसमें मकान की स्थिति, परिवार की जानकारी, वाहन स्वामित्व, इंटरनेट सुविधा, पीने के पानी का स्रोत, शौचालय, एलपीजी कनेक्शन और मुख्य अनाज जैसी डिटेल्स शामिल हैं। परिवार के मुखिया को ये जानकारियां देनी होंगी।
यह जनगणना दो चरणों में होगी
पहला चरण (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस): 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक। इस दौरान घरों की सूचीबद्धता, निर्माण सामग्री, स्वामित्व, बुनियादी सुविधाओं आदि का डेटा जुटाया जाएगा। प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में 30 दिनों की अवधि में काम पूरा होगा। लिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले सेल्फ-एन्यूमरेशन (ऑनलाइन स्व-जानकारी भरने) का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
दूसरा चरण (जनसंख्या गणना): फरवरी 2027 में, जिसमें आबादी, जाति, धर्म, शिक्षा, रोजगार आदि की गिनती होगी।
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। लगभग 30 लाख कर्मचारी मोबाइल ऐप (एंड्रॉयड और iOS दोनों) के जरिए डेटा कलेक्ट करेंगे, जो रीयल-टाइम में ट्रांसफर होगा। यह पहली बार होगा जब आजादी के बाद जाति गणना शामिल होगी (1931 के बाद पहली बार)।
मैप पर हर घर ‘डिजी डॉट’ बनेगा, इसके 5 फायदे होंगे
आपदा प्रबंधन में मदद — जियो-टैगिंग से बाढ़, भूकंप या बादल फटने जैसी घटनाओं में सटीक राहत पहुंचेगी, घरों में रहने वालों की संख्या तुरंत पता चलेगी।
परिसीमन में सहायता — संसदीय/विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का बेहतर निर्धारण, ग्रामीण-शहरी संतुलन सुनिश्चित।
शहरी नियोजन आसान — स्कूल, अस्पताल, पार्क आदि की प्लानिंग में डेटा उपयोगी, कच्चे मकानों वाले इलाकों में इमरजेंसी सेवाएं तेज।
शहरीकरण और पलायन ट्रैकिंग — अगली जनगणना में मैप बदलाव से शहरीकरण दर और पलायन पैटर्न साफ दिखेंगे।
मतदाता सूची सटीक — जियो-टैगिंग और आधार लिंक से डुप्लिकेट नाम हटेंगे, वोटर लिस्ट मजबूत बनेगी।
2011 की जनगणना में भारत की आबादी लगभग 121 करोड़ थी। अब 2027 में यह दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना होगी, जो नीति-निर्माण, विकास योजनाओं और संसाधन वितरण में अहम भूमिका निभाएगी।
जनगणना 2027 में इन 33 सवालों के जवाब देने होंगे...
1. भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकारी अथवा जनगणना नंबर)
16. पेयजल का मुख्य स्रोत
17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता
2 मकान नंबर
18. लाइट का मुख्य स्रोत
3. मकान के फर्श में प्रमुख सामग्री
19. शौचालय की उपलब्धता
4. मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
20. शौचालय का प्रकार
5. मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
21. गंदे पानी की निकासी
6. मकान के उपयोग
22. स्नानघर की उपलब्धता
7. मकान की हालत
23. रसोईघर, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन
8. परिवार क्रमांक
24. खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन
9. परिवार के सदस्यों की संख्या
10. परिवार के मुखिया
25. रेडियो/ट्रांजिस्टर
11. परिवार के मुखिया का लिंग
26. टेलीविजन
27. इंटरनेट सुविधा
12. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति /अन्य
28. लैपटॉप/कम्प्यूटर
29. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन
13. मकान के स्वामित्व की स्थिति
30. साइकिल/स्कूटर /मोटरसाइकिल/मोपेड
14. मकान में कमरों की संख्या
31. कार/औप/वैन
15. परिवार में विवाहित दंपतियों की संख्या
32. मुख्य अनाज
33. मोबाइल नंबर
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