रघुराज प्रताप सिंह की पत्नी भानवी कुमारी का वोटर लिस्ट से कटा नाम, CM योगी और चुनाव आयोग से की शिकायत
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/raja-bhaiya-bhanvi-singh-1769102111527_m.webpजनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह और उनकी पत्नी भानवी कुमारी।- फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी कुमारी के बीच चल रहे घरेलू विवाद में ही उनका नाम मतदाता सूची से कट गया है। एसआइआर का ड्राफ्ट प्रकाशित होने के उपरांत मतदाता सूची से नाम कटने पर भानवी कुमारी ने एक्स पर इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और चुनाव आयोग से की है। निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) कुंडा ने एक्स पर ही मतदाता सूची में नाम कटने का कारण भी स्पष्ट किया है।
रघुराज की पत्नी भानवी कुमार ने एक्स पर लिखा है कि योगी आदित्यनाथ और चुनाव आयोग ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कहा था कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से नहीं कटेगा। इसके बावजूद उनका और उनकी दो बेटियां (राघवी कुमारी एवं विजयराजेश्वरी कुमारी) का नाम दबाव में अधिकारियों द्वारा जानबूझकर मतदाता सूची से काट दिया गया है।
उन्होंने एसआइआर के बाद 2003 की मतदाता सूची और 2025 के एसआइआर से पहले उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज होने का साक्ष्य भी दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एसआइआर की पूरी प्रक्रिया में न तो पारदर्शिता का पालन किया गया, न ही विधिसम्मत सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। वह भदरी, बेंती परिवार की बहू हैं।
इसके बावजूद उनके लोकतांत्रिक अधिकार को छीनने का प्रयास किया गया है, यह न केवल पीड़ादायक है, बल्कि चिंताजनक भी है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या एक ही परिवार में पुरुषों का नाम सुरक्षित रखते हुए महिलाओं का नाम काटा जाना न्यायसंगत है? यदि इसी प्रकार मतदाता सूची बनाई जाएगी, तो क्या हम एक निष्पक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था की उम्मीद कर सकते हैं?
जिला निर्वाचन अधिकारी सह जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी का कहना है कि प्रकरण में ईआरओ कुंडा ने एक्स पर ही जवाब दिया है। गणना प्रपत्र वितरण के दौरान नियमानुसार बीएलओ मतदाता के घर तीन से अधिक बार प्रपत्र देने गया था, लेकिन मतदाता घर पर नहीं थे। परिवार के सदस्यों ने गणना प्रपत्र लेने से इन्कार कर दिया था। मतदाता बाहर निवास करती हैं। इसलिए मतदाता का फार्म अनकलेक्टेबल में फीड किया गया और ड्राफ्ट प्रकाशन में उनका नाम नहीं है। यदि अभी भी वह फार्म-6 भरती हैं। सत्यापन में उनके यहां के निवासी होने की पुष्टि होगी तो उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो जाएगा।
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