इंदौर तक चलेगी धनबाद–भोपाल एक्सप्रेस! डीआरयूसीसी बैठक में उठी मांग पर मंडल रेल प्रबंधन ने जताई सहमति
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/Dhanbad-Rail-Division-1769102600886_m.webpधनबाद रेल मंडल कार्यालय सभागार में आयोजित डीआरयूसीसी की बैठक में भाग लेते अधिकारी और प्रतिनिधि। (फोटो जागरण)
जागरण संवाददाता, धनबाद। धनबाद से भोपाल के लिए सप्ताह में तीन दिन चलने वाली स्वीकृत एक्सप्रेस ट्रेन का विस्तार इंदौर तक किए जाने की मांग गुरुवार को जोरदार ढंग से उठाई गई। यह मांग डीआरएम अखिलेश मिश्र की मौजूदगी में डीआरएम कार्यालय सभागार में आयोजित मंडल रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक में रखी गई।
समिति सदस्य विजय शर्मा ने कहा कि धनबाद होकर इंदौर के लिए फिलहाल केवल शिप्रा एक्सप्रेस चलती है, जिसमें दो महीने पहले भी टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। यदि इस ट्रेन का विस्तार इंदौर तक किया जाता है तो उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर तक पहुंच भी यात्रियों के लिए काफी आसान हो जाएगी।
बैठक में हावड़ा–जोधपुर, पूर्वा एक्सप्रेस, सियालदह–अजमेर एक्सप्रेस और हावड़ा–लालकुआं एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों का नेताजी सुभाष चंद्र बोस गोमो जंक्शन में ठहराव शुरू कराने की भी मांग की। इसके साथ ही उन्होंने IIT(ISM) धनबाद में रेलवे आरक्षण काउंटर की सुविधा को पुनः बहाल करने, लिलोरी मंदिर एवं सोनारडीह रेल फाटक के चौड़ीकरण तथा कतरास स्थित रेलवे इंस्टीट्यूट के जीर्णोद्धार का सुझाव दिया।
इस पर रेलवे अधिकारियों ने इंदौर तक ट्रेन विस्तार और आइआइटी-आइएसएम में आरक्षण काउंटर को लेकर सहमति जताई। रेलवे इंस्टीट्यूट के जीर्णोद्धार के संबंध में बताया गया कि मार्च के बाद फंड की स्वीकृति मिल जाएगी।
पटना तक चलाई जाय हावड़ा-गया वंदे भारत एक्सप्रेस
बैठक में जोनल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति (जेडआरयूसीसी) के सदस्य पिंटु कुमार सिंह ने भी यात्रियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने हावड़ा से गया तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को पटना तक विस्तारित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे यात्रियों के साथ-साथ रेलवे की आमदनी भी बढ़ेगी और हाजीपुर जोनल मुख्यालय आने-जाने में सहूलियत मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि रेल मंत्री की मंशा के अनुरूप वेटिंग लिस्ट की समस्या खत्म करने के लिए लंबी दूरी की ट्रेनों में, जहां वेटिंग 100 से 150 तक चली जाती है, कम से कम दो अतिरिक्त स्लीपर या एसी कोच जोड़े जाने चाहिए। इसके अलावा गया–नई दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस को धनबाद से चलाने, गोमो, कतरास और धनबाद स्टेशनों पर बदहाल सफाई व्यवस्था को तत्काल सुधारने तथा धनबाद मंडल में चल रहे गति शक्ति परियोजनाओं में अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई।
पिंटु कुमार सिंह ने आरपीएफ जवानों की कमी को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से गार्ड की तैनाती, गंगा दामोदर एक्सप्रेस को दुमका की बजाय धनबाद से बक्सर तक तथा महाबोधि एक्सप्रेस को धनबाद से दिल्ली तक चलाने और स्पाउस ग्राउंड पर स्थानांतरण प्रक्रिया को तेज करने की भी मांग उठाई।
मुंबई की ट्रेनों में लगे अतिरिक्त कोच
बैठक में गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के हाजीपुर क्षेत्रीय रेलवे प्रतिनिधि दीप नारायण सिंह ने भी रेल यात्रियों और जनहित से जुड़े कई मुद्दे रखे। उन्होंने निचितपुर में गंगा दामोदर एक्सप्रेस, निचितपुर व मतारी में दुमका/रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव, धनबाद से पटना, दिल्ली, मुंबई व कोलकाता जाने वाली ट्रेनों में जनरल बोगी की संख्या बढ़ाने की मांग की।
इसके अलावा आद्रा मंडल अंतर्गत खानूडीह गेट के पास ओवरब्रिज निर्माण, गोमो जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दो की लिफ्ट की खराबी दूर करने, पारसनाथ स्टेशन पर पेयजल की समुचित व्यवस्था, लिफ्ट और पार्किंग एरिया में घटिया निर्माण कार्य की जांच, सोनारडीह स्टेशन पर जर्जर बोर्डों को बदलने और प्लेटफॉर्म की सफाई कराने की मांग की गई।
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तेतुलमारी स्टेशन पर बढ़ती आबादी और दूरदराज के गांवों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण काउंटर खोलने की भी पुरजोर मांग की गई। इसके साथ ही धनबाद से सीआईसी सेक्शन होते हुए उज्जैन तक सप्ताह में दो दिन महाकाल एक्सप्रेस चलाने अथवा हावड़ा–भोपाल एक्सप्रेस को उज्जैन तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया।
डीआरएम अखिलेश मिश्र ने सभी सदस्यों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सुझावों को नोट कर लिया गया है और उन पर शीघ्र ही आवश्यक पहल की जाएगी। बैठक में एडीआरएम इंफ्रा अमित कुमार, सीनियर डीसीएम मोहम्मद इकबाल, जोनल सदस्य, जनप्रतिनिधि और डीआरयूसीसी के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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