सिरसा में डिलीवरी के बाद महिला की मौत, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/dead-body-(8)-1769103988316_m.webpनिजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद प्रसूता की मौत। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, सिरसा। शहर के डबवाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद 47 वर्षीय प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ऐलनाबाद के तलवाड़ा खुर्द निवासी यशपाल सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी मीना रानी को बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे डिलीवरी के लिए डबवाली रोड स्थित होली नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। भर्ती के समय उनका ब्लड प्रेशर अधिक था, जिसके चलते चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर लिया।
बीपी नार्मल लाने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे सिजेरियन आपरेशन के जरिए डिलीवरी कराई गई, जिसमें मीना रानी ने एक बेटे को जन्म दिया। आपरेशन के बाद मां और शिशु को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
बुखार की सूचना पर स्टाफ ने लगाया इंजेक्शन
स्वजन के अनुसार वीरवार दोपहर अचानक मीना रानी को ठंड लगने लगी। उन्होंने स्टाफ को सूचना दी और कंबल दिया गया। जांच के बाद पहले दवा और बाद में इंजेक्शन देने की बात कही गई। यशपाल का आरोप है कि इंजेक्शन लगते ही मीना रानी की हालत तेजी से बिगड़ गई। उनके मुंह से झाग आने लगे और पेट फूलने लगा। इसके बाद निजी अस्पताल के चिकित्सक ने पास के एक कार्डियोलाजिस्ट को दिखाने की सलाह दी। जब वे उन्हें वहां लेकर पहुंचे तो डाक्टरों ने मीना रानी को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्वजन में आक्रोश फैल गया। स्वजन ने अस्पताल की महिला चिकित्सक और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इंसाफ की मांग की है।
कार्डिएक अरेस्ट के कारण हुई मौत
वहीं निजी अस्पताल के संचालक डा. वीपी गोयल ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि भर्ती के समय ही महिला का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था और मां-बच्चे की जान को खतरे की जानकारी स्वजन को दी गई थी।
स्वजन की सहमति से ही उपचार शुरू किया गया। सिजेरियन आपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा दोनों की हालत ठीक थी। डा. गोयल के अनुसार वीरवार दोपहर अचानक महिला को दौरा पड़ा और कार्डिएक अरेस्ट की स्थिति बनी।
मेडिकल मानकों के अनुसार तुरंत उपचार दिया गया, पल्स कमजोर होने पर आक्सीजन पर रखा गया। स्वजन की इच्छा पर उन्हें कार्डियो विशेषज्ञ के पास ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि तय चिकित्सा मानकों के अनुरूप ही उपचार किया गया। यदि किसी को संदेह है तो पोस्टमार्टम से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
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