जागरूकता कार्यक्रम की रिपोर्ट नहीं देने पर सख्ती: पुरी के 72 प्रधानाध्यापकों का वेतन रुका, कारण बताओ नोटिस जारी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/23/article/image/rupees-500-1769111868348_m.webpसांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, अनुगुल। राज्य सरकार के निर्देश पर सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम करने और बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव को लेकर स्कूल स्तर पर चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों की रिपोर्ट समय पर जमा नहीं करने पर पुरी जिले के 72 प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने संबंधित सभी प्रधानाध्यापकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही सभी को कारण बताओ नोटिस भी थमाया गया है।
मानसून के दौरान सर्पदंश और आकाशीय बिजली से होने वाली मौतों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों में जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित व्यवहार तथा बिजली गिरने के समय बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी देना अनिवार्य किया गया था। साथ ही आयोजित गतिविधियों की फोटो, विवरण और संपूर्ण रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया था।
पुरी जिला शिक्षा कार्यालय (डीईओ) की ओर से इन कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए प्रत्येक विद्यालय को कुल 4,500 रुपये उपलब्ध कराए गए थे। इसमें बिजली गिरने से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम के लिए 2,000 रुपये और सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम करने के कार्यक्रम के लिए 2,500 रुपये शामिल थे। बावजूद इसके 72 विद्यालयों द्वारा न तो समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और न ही पोर्टल पर आवश्यक डेटा अपलोड किया गया।
डीईओ कार्यालय के अनुसार, कई बार स्मरण पत्र जारी किए जाने के बावजूद प्रधानाध्यापकों की ओर से लापरवाही बरती गई, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनुशासनहीनता माना गया है। इसके चलते वेतन रोकने का निर्णय लिया गया। कार्रवाई की जद में आए प्रधानाध्यापक विभिन्न ब्लॉकों से हैं। सत्यवादी ब्लॉक में सबसे अधिक 14, पुरी सदर में 12, पिपिली में 11 और डेलंग में 9 प्रधानाध्यापकों का वेतन रोका गया है। इसके अलावा निमापाड़ा, काकटपुर और अस्तरंग ब्लॉकों के स्कूल भी सूची में शामिल हैं।
जिला शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित विद्यालयों द्वारा पूरी रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज जमा किए जाने तक वेतन रोकने की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन के इस सख्त रुख से जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।
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