बिहार-ओडिशा के बीच 24 नए बस रूट: भुवनेश्वर-पटना, राउरकेला-मुजफ्फरपुर समेत कई मार्गों का गजट जारी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/23/article/image/bus_news-1769115310676_m.webpप्रतीकात्मक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार और ओडिशा के बीच वाया झारखंड दो दर्जन नई रूटों पर बसों का परिचालन किया जाएगा। परिवहन विभाग ने बिहार-ओडिशा के मध्य बसों के परिचालन के लिए संशोधित सूची तय करते हुए इसे बिहार गजट में प्रकाशित किया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, जिन नए रूटों का चयन हुआ है, उनमें बारीपाड़ा से गया वाया रांची-हजारीबाग, ब्रह्मपुर से औरंगाबाद वाया जमेशदपुर-रांची, ब्रह्मपुर से सुल्तानगंज वाया बोकारा-धनबाद, भुवनेश्वर से गया, भुवरेश्वर से बिहारशरीफ, बोनायगढ़ से रानीगंज, झारसूगुड़ा से हाजीपुर, झारसूगुड़ा से पटना, झारसूगुड़ा से सिवान शामिल हैं।
इसके अलावा, झारसूगुड़ा से पूर्णिया, पूरी से पटना वाया रांची-हजारीबाग, पूरी से भागलपुर, राउरकेला से बक्सर, राउरकेला से मुजफ्फरपुर, राउरकेला से आरा, राउरकेला से सिवान, राउरकेला से रानीगंज, संबलपुर से गया, संबलपुर से दरभंगा, संबलपुर से हाजीपुर, सुंदरगढ़ से नवादा, सुंदरगढ़ से आरा और टापरिया से छपरा वाया पटना शामिल हैं।
राज्य ब्यूरो, पटना। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा है कि 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनेगा। विकसित भारत के निर्माण में जन प्रतिनिधि होने के नाते सांसदों-विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
वे गुरुवार को नई दिल्ली में एनएफपीआरसी ( नेशन फर्स्ट पालिसी रिसर्च सेंटर ) की ओर से आयोजित सांसदों-विधायकाें की एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में जन प्रतिनिधियों की बड़ी भूमिका होती है।
कार्यक्रम का आयोजन इंडिया हैबिटेट सेंटर में किया गया था। नेशन फर्स्ट पालिसी रिसर्च सेंटर के चेयरपर्सन एवं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने इसकी अध्यक्षता की।कार्यशाला में में बड़ी संख्या में सांसदों-विधायकों ने हिस्सा लिया।
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