भारतीय रेल :आप कैसे प्राप्त करें कम दाम में टिकट, रेल अधिकारियों ने ट्रेन पर यात्रियों को दिए टिप्स
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/23/article/image/RailYatri-app-1769119131008_m.webpप्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, भागलपुर।रेलवन एप के प्रयोग को लेकर गुरुवार को भागलपुर स्टेशन पर यात्रियों को जानकारी दी गई। सीएमआई फूल कुमार व राम कुमार ने यात्रियों के मोबाइल में एप डाउनलोड करा टिकट में छूट के बारे में बताया। रेलवे 14 जुलाई तक यात्रियों को जनरल टिकट पर छूट दे रहा है। एप के जरिए टिकट लेने पर 3 प्रतिशत की छूट मिल रही है। रेलवे एप से किसी भी डिजिटल मोड से किराया देने पर छूट दे रहा है।
रेलवन ऐप को यूटीएस मोबाइल की तरह आर-वैलेट तक ही सीमित नहीं रखा गया। अब तक रेलवन ऐप पर अनारक्षित टिकट बुक करते समय केवल आर-वालेट से भुगतान करने पर ही 3 प्रतिशत कैशबैक दिया जा रहा था। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए अब यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग व गैर बैंकिंग संस्थाओं के ऐप से भुगतान करते हैं तो छूट दी जा रही है।
[*]-एप के जरिए टिकट लेने पर 3 प्रतिशत की छूट मिल रही है
[*]-रेलवे एप से किसी भी डिजिटल मोड से किराया देने पर छूट दे रहा है
[*]-रेलवन ऐप को यूटीएस मोबाइल की तरह आर-वैलेट तक ही सीमित नहीं रखा गया
[*]-अब तक रेलवन ऐप पर अनारक्षित टिकट बुक करते समय केवल आर-वालेट से भुगतान करने पर ही 3 प्रतिशत कैशबैक दिया जा रहा था
[*]-डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए अब यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग व गैर बैंकिंग संस्थाओं के ऐप से भुगतान करते हैं तो छूट दी जा रही है
एकीकृत सुपर ऐप को क्रिस (सेंट्रल रेलवे इंफार्मेशन सेंटर) ने इसका बीटा संस्करण जनवरी में लांच किया था। इसे प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। रेलवन ऐप पर अनारक्षित टिकट, आरक्षित टिकट, प्लेटफार्म टिकट, ट्रेन व स्टेशन से जुड़ी जानकारी, ग्रिवांस सिस्टम, खानपान के आर्डर, पीएनआर जानकारी, ट्रेन, कोच पोजिशन, रियल टाइम ट्रेन पूछताछ व लाइव स्टेट्स एक ही जगह पर मिलता है।
जनवरी 2025 से पहले रेलवे की सभी सुविधा के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म थे। जिससे रेल यात्रियों को थोड़ी कठिनाई होती थी। अब ये सुविधा एक ही जगह कर दिया गया। आइआरसीटीसी
(इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन) ऐप से आरक्षित टिकट बुकिंग करनी होती थी, नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) ऐप से ट्रेन की लाइव स्थिति देखनी पड़ती थी, रेल मदद से शिकायत दर्ज करनी होती थी, फूड आन ट्रैक से ट्रेन में खाना आर्डर किया जाता था। इसी के साथ कई निजी ऐप में भी ये सुविधा है। लेकिन गेटवे रेलवे की आइडी का ही लगता है।
काउंटर और डिजिटल किराए में कितना अंतर
जगह (स्टेशन/डिवीजन) काउंटर (लक्ष्य) रेलवन ऐप (उपलब्धि) उपलब्धि % (अनुमानित)
पटना
95
92
96.84%
आनंद विहार
355
344
96.90%
मुंबई
500
485
97.00%
बेंगलुरु
580
562
96.90%
हावड़ा
150
145
96.67%
लखनऊ
260
252
96.92%
सूरत
480
465
96.88%
अजमेर
460
446
96.96%
डीडीयू (दीन दयाल उपाध्याय)
160
155
96.88%
कानपुर
250
242
96.80%
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