deltin55 Publish time 2026-1-23 05:21:54

लखनऊ में अब क्षत्रिय पत्रकारों का जुटान!


               

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद क्षत्रिय राजनीति उठान पर है। पिछले दिनों क्षत्रिय विधायकों का जुटान हुआ। अब क्षत्रिय पत्रकारों का सम्मेलन होने जा रहा है। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली से भी कई वरिष्ठ पत्रकार शिरकत करने वाले हैं। इनमें प्रमुख नाम वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय, रामकृपाल सिंह, भड़ास4मीडिया के संस्थापक यशवंत सिंह आदि का है। इस आयोजन में स्वर्गवासी हो चुके कई क्षत्रिय पत्रकारों की स्मृति में पुरस्कार / सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई है।





भड़ास के संपादक यशवंत सिंह का इस बारे में कहना है कि धर्म और जाति इस देश का नंगा सच है, इसे सब मानते जानते हैं। राजनेताओं ने इन्हीं दो चीजों के सहारे पॉवर पॉलिटिक्स को नियंत्रित और तदनुरूप गतिमान कर रखा है। ऐसे में यह ज़रूरी है कि जो जिस जाति धर्म में जन्मा है, उसके संगठनों / आयोजनों में शामिल होकर आंतरिक सुधार की प्रक्रिया को तेज करे! जैसे बिना मुस्लिमों की सहमति और सहभागिता से इस्लाम को और ज़्यादा उदार व प्रगतिशील नहीं बनाया जा सकता उसी तरह बिना सकारात्मक जातीय गोलबंदी आधारित चिंतन मनन के, भारत से जातीयता के ज़हर को ख़त्म नहीं किया जा सकता।





जातीय गोलबंदी का मकसद अगर इंटरनल रिफार्म है तो ये प्रोग्रेसिव है। अगर इसका मकसद विद्वेष घृणा है तो ये नेगेटिव है, एंटी सोशल एंटी नेशन ट्रेंड है। अतीत में भी भारत में कई धार्मिक-जातीय सुधार आंदोलन चले जिससे बहुत सी कुरीतियाँ ख़त्म हुईं!मुझे बताया गया कि लखनऊ का क्षत्रिय पत्रकार सम्मेलन सकारात्मक लक्ष्य को हासिल करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।





अगर क्षत्रिय समाज के पढ़े लिखे लोग एकजुट होकर अपने अच्छे बुरे पर चिंतन मनन कर रहे हैं तो ये स्वागत योग्य कदम है। हालांकि अभी तक का जो इतिहास रहा है उसमें क्षत्रिय का सबसे बड़ा दुश्मन कोई दूसरा क्षत्रिय ही हुआ करता है। तो इस अंध आक्रामकता को खत्म करने की ज़रूरत है। बदले दौर के लिहाज़ से क्षत्रिय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जोर देना चाहिए। नशे की लत से पूर्ण मुक्ति क्षत्रिय समाज को सबसे बड़ा लक्ष्य बनाना चाहिए जो क्षत्रिय युवाओं के अपराधीकरण और बर्बादी का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। बेटियों को उच्च शिक्षा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है जिससे इस अत्याधुनिक युग के साथ वह कदमताल कर सकें!





भड़ास एडिटर यशवंत सिंह ने इस आयोजन के कार्ड को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा-




https://www.deltin51.com/url/picture/slot3489.jpg





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