cy520520 Publish time 2026-1-23 05:26:05

लखीसराय को मिलेगी गंगा की सौगात, अब शृंगी ऋषि धाम तक पहुंचेगा गंगाजल

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मृत्युंजय मिश्रा, लखीसराय। गंगा नदी, जो राजधानी पटना से निकल कर लखीसराय जिले के बड़हिया, पिपरिया और सूर्यगढ़ा प्रखंडों की उत्तरी सीमा से बहते हुए मुंगेर और भागलपुर के रास्ते बंगाल की खाड़ी में समाहित होती है, अब रामायणकालीन शृंगी ऋषि धाम तक पहुंचेगी। यह ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित योजना अब साकार होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

लखीसराय जिले के लिए यह खबर न केवल जल संसाधन के क्षेत्र में मील का पत्थर है, बल्कि धार्मिक, पर्यटन और कृषि विकास के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत सूर्यगढ़ा और चानन प्रखंड क्षेत्र में स्थित मोरवे डैम जलाशय और बासकुंड डैम जलाशय में पाइपलाइन के माध्यम से गंगा नदी के जल का भंडारण किया जाएगा।

यह योजना वर्षों पुरानी मांग रही है, जिसे साकार करने में केंद्रीय मंत्री सह क्षेत्रीय सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की पहल निर्णायक साबित हुई है। राज्य सरकार के प्रस्ताव को केंद्रीय जल आयोग से स्वीकृति मिलते ही परियोजना को औपचारिक हरी झंडी मिल गई है।

गौरतलब है कि इस योजना के तहत केवल लखीसराय ही नहीं, बल्कि नवादा, जमुई और मुंगेर जिलों के चयनित जलाशयों तक भी गंगा का जल पहुंचाया जाएगा। तत्काल बिहार के कुल छह जलाशयों में गंगाजल संग्रहण की योजना है, जिनमें लखीसराय के दो जलाशयों को शामिल किया गया है। इससे जिले के बड़े भू-भाग में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा, किसानों को जल संकट से राहत मिलेगी और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावना बनेगी।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, प्रथम चरण में इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। योजना के धरातल पर उतरते ही यह क्षेत्र जल समृद्धि की नई पहचान बनाएगा। राज्य सरकार श्रृंगी ऋषि धाम के समग्र विकास को लेकर भी लगातार प्रयासरत है। हाल के दिनों में प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू के कर कमलों से जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र द्वारा शृंगी श्रृंगी की प्रतिमा का अनावरण कराया गया था।

इसके बाद उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा की उपस्थिति में भव्य श्रृंगी ऋषि महोत्सव का आयोजन हुआ। अब गंगाजल के आगमन से यह पौराणिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धाम गंगा की गोद में नई पहचान पाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और लखीसराय जिला विकास की नई धारा में प्रवाहित होगा।
परियोजना का नाम : बासकुंड डैम जलाशय योजना

[*]संचयन क्षमता (एकड़ फीट) - 752
[*]वर्तमान जल आयतन (एकड़ फीट) - 10
[*]वर्तमान जलस्तर (एफआरएल) - 241
[*]एफआरएल (फीट) - 252
[*]डीएसएल (फीट) - 241

परियोजना का नाम - मोरवे डैम जलाशय योजना

[*]संचयन क्षमता (एकड़ फीट) - 10800
[*]वर्तमान जल आयतन (एकड़ फीट) - 602
[*]वर्तमान जलस्तर (एफआरएल) - 247.8
[*]एफआरएल (फीट) - 272
[*]डीएसएल (फीट) - 245
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