UP के इन 37 जिलों को मिल सकते हैं 1900 करोड़, पूर्वांचल-बुंदेलखंड फंड में 700 करोड़ ज्यादा मांगे
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/22/article/image/download-1769089722683_m.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्वांचल व बुंदेलखंड के पिछड़े 37 जिलों के विकास में तेजी नजर आएगी। राज्य सरकार इसके लिए 1900 करोड़ रुपये का आवंटन बजट में कर सकती है। यह धनराशि चालू वित्तीय वर्ष के मुकाबले 700 करोड़ रुपये अधिक होगी। संतुलित क्षेत्रीय विकास निधि (पूर्वांचल विकास निधि एवं बुंदेलखंड विकास निधि) के तहत यह बजट प्रस्तावित किया गया है।
संतुलित क्षेत्रीय विकास निधि में अगले वित्तीय वर्ष में 700 करोड़ रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। जिस पर मंथन चल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में आवंटित 1200 करोड़ रुपये में से 800 करोड़ रुपये पूर्वांचल विकास निधि तथा 400 करोड़ रुपये बुंदेलखंड विकास निधि के लिए है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित किए गए 1900 करोड़ रुपये में से 1400 करोड़ रुपये पूर्वांचल विकास निधि और 500 करोड़ रुपये बुंदेलखंड विकास निधि के लिए प्रस्तावित है।
अगले साल के लिए 2400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
संतुलित क्षेत्रीय विकास निधि का उपयोग पूर्वांचल व बुंदेलखंड के पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े कार्यों के लिए किया जाता है। इसके अलावा त्वरित आर्थिक विकास योजना में अगले वर्ष के लिए 2400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।
चालू वित्तीय वर्ष में इस निधि में 2350 करोड़ रुपये का प्रविधान है। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत राज्य में बुनियादी ढांचे जैसे सड़क/पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षण संस्थान, ग्रामीण विद्युतीकरण, शहरी प्रकाश व्यवस्था, आइटीआइ/पालीटेक्निक भवन और लघु सिंचाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है।
पूर्वांचल निधि में 30 और बुंदेलखंड निधि में सात जिले
पूर्वांचल विकास निधि से प्रदेश के पिछड़े 30 जिलों में विकास कार्य कराए जाते हैं। जिसमें प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, अमेठी, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, देवरिया, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, मीरजापुर, भदोही, सोनभद्र, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती शामिल हैं।बुंदेलखंड निधि से इस क्षेत्र के सात जिले लाभान्वित होते हैं। ये जिले झांसी, जालौन, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, महोबा तथा हमीरपुर हैं।
Pages:
[1]