उत्तराखंड में बच्चों के टीकाकरण के लिए बनेगी डिजिटल आईडी, यू-विन पोर्टल से जुड़ेगा डिजी लॉकर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/23/article/image/injection-1769142367386_m.webpसचिव स्वास्थ्य ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों के दिए निर्देश। प्रतीकात्मक
राज्य ब्यूरो, देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) अब टीकाकरण कार्यक्रम के लिए हर बच्चे की डिजिटल आईडी तैयार करेगा। इससे यह पता चल सकेगा कि बच्चे को कब-कब टीका लगा है। इसके लिए डिजी लाकर को यू-विन पोर्टल से एकीकृत किया जाएगा।
एनएचएम समय-समय पर बच्चों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम चलाता है। इसकी जानकारी राष्ट्रीय स्तर पर यू-विन पोर्टल पर रखी जाती है। यू-विन का मुख्य कार्य सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के तहत सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को डिजिटाइज करना है, जिससे उनके टीके का रिकार्ड रखा जा सके, क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्रमाण पत्र दिए जा सकें, और अगली खुराक के लिए एसएमएस अलर्ट भेजे जा सकें, जिससे टीकाकरण प्रक्रिया आसान और देश में कहीं भी सुलभ हो सके।
यह पोर्टल स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी टीकाकरण रिकार्ड करने में मदद करता है। सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे ने एनएचएम के साथ हुई बैठक में निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चों के टीकाकरण की जानकारी के लिए उनकी डिजिटल आईडी बनाने के लिए डिजी लाकर को यू-विन से एकीकृत किया जाए।
निदेशक एनएचएम रश्मि पंत ने बताया कि बैठक में मिले निर्देशों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च हिमालयी व सीमावर्ती क्षेत्र के बच्चों की सर्जरी को मिलेगी हेली सेवा
सचिव स्वास्थ्य ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सर्जरी के लिए चिह्नित किए गए बच्चों को सर्जरी के लिए लाने के लिए हेलीकाप्टर सेवा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। यह हेली सेवाएं उच्च हिमालयी व सीमांत क्षेत्रों के ऐसे बच्चों को दी जाएगी जो जन्मजात असामान्यताओं जैसे होंठ या तालु का फटना), हृदय दोष (जैसे वाल्व की समस्या), असामान्य अंग (जैसे क्लबफुट), और न्यूरल ट्यूब दोष (जैसे स्पाइना बिफिडा) से ग्रस्त हैं।
सितंबर तक 11 लाख संवेदनशील व्यक्तियों की होगी टीबी स्क्रीनिंग
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत विभाग ने इस माह सितंबर तक 11 लाख संवेदनशील व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभाग जल्द ही हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों का क्रय करेगा।
यह भी दिए निर्देश
[*]फरवरी में आयोजित किया जाएगा एनीमिया पखवाड़ा।
[*]डेंगू नियंत्रण की कार्ययोजना बनाने को अन्य राज्यों की कार्ययोजना का भी करें अध्ययन।
[*]ब्रेस्ट स्क्रीनिंग के लिए आधुनिक उपकरणों का हो इस्तेमाल।
[*]कैंसर को अधिसूचित रोग के रूप में किया जाए शामिल। इससे अस्पतालों व लैब को इसकी जानकारी सरकार को देना अनिवार्य होगा।
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