उत्तराखंड के छात्रों के लिए जरूरी खबर, 31 मार्च तक यहां उपलब्ध कराने होंगे प्रमाण पत्र; उच्च शिक्षा मंत्री के निर्देश
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/23/article/image/students-1769142557967_m.webpविवि के रिक्त पदों के लिए 10 फरवरी तक अनिवार्य जारी हों भर्ती विज्ञापन। प्रतीकात्मक
राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक प्रमाण पत्र अब डिजिटल माध्यम से आसानी से उपलब्ध होंगे। इसके लिए उच्च शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि 31 मार्च, 2026 तक शत-प्रतिशत छात्रों का समस्त शैक्षणिक डाटा डीजी लाकर पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए।
गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व के शैक्षणिक सत्रों का लीगेसी डाटा समर्थ पोर्टल के माध्यम से डीजी लाकर पर डाला जाए और इसकी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में विश्वविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों पर भर्ती में हो रही देरी पर नाराजगी जताई गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी रिक्त पदों के लिए 10 फरवरी, 2026 तक भर्ती विज्ञापन अनिवार्य रूप से जारी किए जाएं।
साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप प्रत्येक सेमेस्टर में कम से कम 90 दिन कक्षाओं का संचालन हो तथा परीक्षाओं का आयोजन समयबद्ध तरीके से कर परिणाम घोषित किए जाएं। आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा पैटर्न में परिवर्तन करने के भी निर्देश दिए गए।
उद्योगों से एमओयू एवं औद्योगिक प्रशिक्षण अनिवार्य
छात्रों के व्यावहारिक और सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए मंत्री ने सभी राजकीय विश्वविद्यालयों को विभिन्न उद्योगों से एमओयू कर अनिवार्य औद्योगिक प्रशिक्षण की व्यवस्था करने को कहा। इसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट भी शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने पर भी बल दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अंतरविश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय को सौंपी गई है।
समस्त कार्मिकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है। साथ ही उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों को स्वामी विवेकानंद ई-पुस्तकालय योजना से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए। समीक्षा बैठक में सचिव उच्च शिक्षा, निदेशक उच्च शिक्षा सहित विश्वविद्यालयों के कुलसचिव, वित्त अधिकारी, परीक्षा नियंत्रक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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