cy520520 Publish time 2026-1-23 12:56:50

बागमती पर अदौरी-खोड़ीपाकड़ पुल को मिली मंजूरी, शिवहर-चंपारण की दूरियां होंगी कम

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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)



नीरज, शिवहर। शिवहर के अदौरी-खोड़ीपाकड़ के बीच बागमती नदी पर पुल निर्माण से शिवहर और पूर्वी चंपारण की दूरी कम होगी। पथ निर्माण विभाग ने पुरनहिया प्रखंड के अदौरी घाट व पूर्वी चंपारण के खोड़ीपाकड़ के बीच बागमती नदी पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

यहां 3.2 किमी उच्चस्तरीय आरसीसी पुल तथा पहुंच पथ का निर्माण कराया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 20540 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि से इस पुल का निर्माण कराया जाएगा।

पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से उक्त पुल के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। इस पुल के अभाव में शिवहर और सीतामढ़ी से पूर्वी चंपारण जाने के लिए लोगों को 25 किमी लंबी दूरी का फेरा लगाना पड़ता है।
सपने होंगे सच, बनेगा पुल मिटेगी दूरियां

शिवहर जिले के अदौरी खोड़ी-पाकड़ के बीच बागमती नदी पर पुल निर्माण का सपना अब सच में साकार होगा। वहीं, शिवहर और चंपारण की दूरियां कम होगी। इलाके की आवागमन को रफ्तार मिलेगा। इस पुल के निर्माण की दशकों पुरानी और आजादी के बाद से अब तक की सबसे बड़ी मांग अब पूरी होती दिख रही है।

पुरनहिया प्रखंड के अदौरी घाट व पूर्वी चंपारण जिले के खोड़ीपाकड़ के बीच बागमती नदी पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल का निर्माण किया जाएगा। यहां 3.2 किमी उच्चस्तरीय आरसीसी पुल तथा पहुंच पथ का निर्माण कराया जाएगा। इसके निर्माण पर 20540 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि से इस पुल का निर्माण कराया जाएगा। पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से उक्त पुल के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
पुल निर्माण के लिए दशकों से जारी है आंदोलन

इस पुल के निर्माण के लिए दशकों से आंदोलन हो रहा है। पुल निर्माण का मुद्दा लोकसभा व विधानसभा चुनावों में भी उठता रहा हैं। इस पुल के निर्माण के लिए शिवहर के सामाजिक कार्यकर्ता संजय संघर्ष सिंह ने दिल्ली में संसद के समक्ष धरना दिया था। वहीं, पुल निर्माण होने तक दाढ़ी नहीं कटाने का संकल्प लिया था। आज भी संजय की दाढ़ी बढ़ी हुई है।

वह इसे संकल्प की दाढ़ी बताते है। जबकि समाजसेवी अनीश कुमार झा सहित इलाके के युवाओं ने चरणबद्ध आंदोलन किया था। बावजूद इसके पुल का निर्माण लटका रहा। सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पुल निर्माण की मांग रखी थी।

इसके आलोक में गडकरी ने सीआईआरएफ के तहत पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कराने के निर्देश दिए थे। जबकि शिवहर सांसद लवली आनंद ने लोकसभा में इस मुद्दे को कई बार उठाया था।

सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार के शिवहर दौरे के क्रम में आयोजित आमसभा में भी सांसद लवली आनंद ने पुल निर्माण का मुद्दा उठाया था। इसी बीच आरसीडी के अभियंता प्रमुख ने पुल निर्माण की दिशा में पहल तेज कर दी है।

समाजसेवी अनीश झा बताते है कि इस पुल के निर्माण से शिवहर ही नहीं सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और चंपारण की राह आसान होगी। इलाके के लोगों को सफर का एक और वैकल्पिक सड़क मिलेगा।
बदलेगी आर्थिकी, होगा विकास

अदौरी-खोरीपाकड़ पुल बन जाने से एलपीजी, पेट्रोलियम, खाद-उर्वरक, उपभोक्ता सामग्री के परिवहन को आने-जाने में सुविधा होगी। किसान अपने उत्पाद पड़ोसी जिलों के साथ यूपी तक भेज सकेंगे। उन्हें बाजार उपलब्ध होगा।

पूर्वी चंपारण से कनेक्टिविटी होने के बाद गोपालगंज से उत्तर प्रदेश तक की राह आसान होगी। इससे लोगों की आर्थिकी बदलेगी। जीवन स्तर में सुधार आएगा। अभी पुल के अभाव में लोग दूरी कम करने के लिए जान जोखिम में डाल कमर भर पानी हेल कर बागमती नदी पार करते हैं।
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