cy520520 Publish time 3 hour(s) ago

अपहरणकर्ताओं के चंगुल में कैरव गांधी की सुरक्षित रिहाई मध्यस्थता पर टिकी, फिरौती 5 से बढ़ कर 10 करोड़ की चर्चा

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/23/article/image/kairav-awas-1769157059739_m.webp

बिष्टुपुर से उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण को 11 दिन हो गए।



जागरण संवाददात, जमशेदपुर। शहर के बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी युवा उद्यमी कैरव गांधी (पिता: कारोबारी देवांग गांधी) के अपहरण को 11 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक उनकी सुरक्षित रिहाई में सफल नहीं हो पाई है। अपहरण 13 जनवरी को कदमा-सोनारी लिंक रोड के पास हुआ था, जहां अपहरणकर्ताओं ने फिल्मी अंदाज में सफेद स्कॉर्पियो से उन्हें अगवा कर लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने परिवार से 5 करोड़ से बढ़ाकर अब 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की है। शुरुआती कॉल इंडोनेशिया नंबर से आई थी, लेकिन अब मुख्य जांच बिहार के अपहरण गिरोहों पर केंद्रित है।

पुलिस को स्पष्ट संकेत मिले हैं कि यह बिहार के संगठित गिरोहों (जैसे अजय सिंह, चंदन सोनार उर्फ किडनैपिंग किंग, या छोटू यादव गैंग) का काम हो सकता है, जिसमें स्थानीय तत्वों का भी सहयोग संभव है। ठोस अभी तक कुछ भी नहीं है।
अब तक जांच की स्थिति

[*]वारदात में इस्तेमाल सिल्वर मारुति स्विफ्ट कार कदमा इलाके से बरामद हुई, जिससे बिहार कनेक्शन साफ हुआ।
[*]जांच बिहार के औरंगाबाद, वैशाली, पटना, मोकामा, मोतीहारी और जमुई तक पहुंच गई; वहां छापेमारी जारी।
[*]हनी ट्रैप एंगल की भी आशंका: कुछ रिपोर्टों में चंदन सोनार पर शक गहराया, जिसमें महिला उद्यमी से जुड़े पूछताछ हुई लेकिन कोई बड़ा सुराग नहीं मिला।
[*]तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया; सीसीटीवी फुटेज से ट्रेसिंग हुई।
[*]परिवार गोपनीयता बरत रहा है, जिससे पुलिस मुख्य रूप से तकनीकी साक्ष्यों (सीसीटीवी, कॉल डिटेल्स, मोबाइल ट्रैकिंग) पर निर्भर है।
[*]SIT (जमशेदपुर-सेरायकेला पुलिस), CID और ATS टीमें सक्रिय; अंतरराज्यीय कोऑर्डिनेशन जारी।
[*]अपहरण के बाद परिवार को धमकी भरे मैसेज मिले, जिसमें 48 घंटे में फिरौती न देने पर कैरव को मारने की बात कही गई थी (अब समय सीमा बीत चुकी है)।



पुलिस का कहना है कि अपहृत की जान सबसे बड़ी प्राथमिकता है, इसलिए कोई जल्दबाजी नहीं की जा रही। अपहरण जैसे मामलों में मध्यस्थता (मीडिएटर) के जरिए ही रिहाई संभव होती है, जैसा कि जमशेदपुर के पिछले मामलों में हुआ। फिलहाल बिहार से कोई मजबूत मध्यस्थता संपर्क नहीं बन पाया है, जिसकी पुलिस और परिवार बाट जोह रहा है।

मामले ने शहर के उद्यमियों में दहशत फैला दी है। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने भी परिवार से मुलाकात कर \“जंगल राज\“ की स्थिति पर सवाल उठाए हैं और तेज कार्रवाई की मांग की है। व्यापारी वर्ग गुस्से में हैं। प्राथनाओं का दौर भी चल रहा है।

पुलिस का दावा है कि अपहरणकर्ताओं के बेहद करीब पहुंच चुकी है, लेकिन कोई आधिकारिक ब्रेकथ्रू अभी नहीं आया। जांच जारी है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है। डीजीपी स्व्यं केस की मॉनिटिरिंग कर रही हैं। पुलिस के दर्जनों बड़े अधिकारी केस में लगे हुए हैं।

यह भी पढ़ें- 100 से अधिक पुलिस अधिकारी बिहार-झारखंड के 20 ठिकानों पर कर रहे छापेमारी, व्यापारियों में बढ़ रहा गुस्सा

यह भी पढ़ें- 12 राज्य, 500 करोड़ की वसूली: क्या टाटा नगर के उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण के पीछे \“किडनैपिंग किंग\“ चंदन सोनार है?

यह भी पढ़ें- Jharkhand: जमशेदपुर के प्रतिष्ठित उद्योगपति के बेटे कैरव गांधी के अपहरण की आशंका, सकते में पुलिस

यह भी पढ़ें- Tatanagar स्टेशन रोड दुकानदारों को हाईकोर्ट से राहत, रेलवे को मिले 42 दिन में बसाने के निर्देश
Pages: [1]
View full version: अपहरणकर्ताओं के चंगुल में कैरव गांधी की सुरक्षित रिहाई मध्यस्थता पर टिकी, फिरौती 5 से बढ़ कर 10 करोड़ की चर्चा

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com