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Fatehpur में जमींदार जयराज हत्याकांड का राजफाश, अरबों की प्रापर्टी का सौदा न करने मैनेजर ने ही कर दी थी हत्या

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जागरण संवाददाता, फतेहपुर। Fatehpur Jayraj Murder Case: सनसनीखेज जयराज मान सिंह हत्याकांड का कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को राजफाश कर दिया। हत्या किसी और ने नहीं बल्कि अरबों की प्रापर्टी (109 बीघे खेत) का सौदा न होने से गुस्साए इनके मैनेजर अंकित मिश्रा ने ही अकेले की थी। हत्थे चढ़े हत्यारोपित ने पुलिस के समक्ष जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि नापजोख के बहाने महर्षि विद्यालय के सामने स्थित बाग ले जाकर और पीछे से चाकू से प्रहार कर दिया। अधिवक्ता जमीन पर गिरे तो सामने से चाकू से गला रेतकर हत्या कर थी।

वह खरीदारों को ढूंढ-ढूंढकर लाता था लेकिन कम कीमत मिलने को लेकर सौदा तय नहीं हो पा रहा था। सौदा हो जाता तो उसे लाखों का कमीशन मिल जाता। सौदा न होने पर उसने सोचा कि जमीन का सौदा होने में काफी समय लगेगा। इसलिए उसने अधिवक्ता को रास्ते से हटाने की योजना एक माह पूर्व ही बना ली थी और चाकू खरीदकर घर के रसोई घर में छिपा दिया था। पुलिस ने मोबाइल फोन, बाइक, वैगनआर कार बरामद करने के बाद घटनास्थल के फिंगर प्रिंट लिए। प्रयुक्त चाकू, खून से सने कपड़े में खून के मिलान के लिए पुलिस लैब भेजा है।


शहर क्षेत्र के बुलेट चौराहा के समीप सिविल लाइन में रहने वाले 68 वर्षीय जमींदार जयराज सिंह एडवोकेट 21 जनवरी को शाम चार बजे अपने घर पर थे। तभी तांबेश्वर नगर मोहल्ला निवासी इनका मैनेजर बाइक से इनके घर आया और जमीन की नापजोख की कार्रवाई के लिए बाग चलने को कहा। जिस पर मैनेजर की बाइक खड़ी कराकर अधिवक्ता अपनी वैगनआर कार से मैनेजर के चले गए। वहां उनका रक्तरंजित शव मिला था। पुलिस ने फोरेंसिक व इलेक्ट्रानिक व सीसीटीवी फुटेज के साक्ष्य देखकर संदिग्ध मैनेजर अंकित मिश्रा को हिरासत में ले लिया था। दिवंगत की पत्नी शहनाज मान सिंह से भी जानकारी जुटाई।
पूछताछ में ये आया सामने

एएसपी महेंद्र पाल सिंह व सीओ सिटी गौरव शर्मा ने बताया कि पूछताछ व छानबीन में स्पष्ट हुआ कि शाम को मैनेजर के साथ अधिवक्ता ने कार खड़ी कर बाग के पास पैदल टहलने लगे। तभी पीछे से मैनेजर ने चाकू से गर्दन में प्रहार किया तो वह गिर पड़े।इसके बाद गला रेतकर हत्या कर दी और कार की ओर बढ़कर मिट्टी से खून से सने हाथ व चाकू को साफ किया। फिर कार से अपने घर पहुंचकर हाथ व चाकू बाथरूम में पानी से धोया फिर चाकू को रसोई घर में छिपा दिया।
फोन करके दी ये जानकारी

कुछ देर बाद अधिवक्ता की पत्नी के पास फोन कर कहा कि भाभी, भैया (अधिवक्ता) कह रहे हैं कि दो लोगों को जमीन की नाप करने में दिक्कत हो रही है, सहयोग के लिए नौकर गंगादीन को भी ले आओ। जमीन की नाप करने में परेशानी हो रही है, जिस पर वह अधिवक्ता के घर पहुंचा और नौकर गंगादीन को लेकर फिर उसी स्थान पर पहुंचा जहां कार पहले भी खड़ी गई थी।
यूपी 112 को खुद फोन काल कर बुलाया था

हत्थे चढ़े मैनेजर ने पुलिस के समक्ष बताया कि पूर्व योजना के अनुसार नौकर के सामने ही जानबूझ कर भैया (दिवंगत) के मोबाइल में कई बार फोन काल किया। काल न उठने पर वह नौकर के साथ विपरीत दिशा में उन्हें ढूंढने का नाटक करने लगा। फिर दिवंगत की पत्नी को काल कर बताया कि भाभी, भैया फोन नहीं उठा रहे हैं...क्या उनका फोन साइलेंट पर है, इसके बाद नौकर को कार में बिठाकर महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय के सामने रोड पर जाकर ढूंढने का दिखावा करने लगा। इसी बीच दिवंगत की पत्नी गाड़ी से आ गईं और घटनास्थल पर पहुंचकर मैनेजर को काल किया कि अंकित कहां हो...जल्दी आओ भैया का मर्डर हो गया है। वह मौके पर पहुंचा तो बेसुध भाभी को देखकर जोर जोर से रोने-चिलाने का नाटक करने के बाद। इसके बाद फोन कर यूपी 112 को सूचना दी। पुलिस के पहुंचते ही भाभी ने पुलिस के सामने कहा कि अंकित तुम भैया को साथ लेकर आए थे तुमने ही भैया को मारा है। नौकर गंगादीन को साथ ले जाने के पीछे मेरी मंशा थी कि गंगादीन साक्षी बने कि जब मैं गंगादीन को घर पर लेने आया हूं उसी बीच किसी अन्य व्यक्ति ने भैया की हत्या कर दी ताकि आरोप मुझ पर न आए। इसी वजह से अपने फोन से उसने यूपी 112 पर घटना की सूचना दी थी।
जल्द अमीर बनने की लालच में हत्या

एएसपी ने बताया कि हत्यारोपित अंकित मिश्रा की छह माह पूर्व शादी हुई थी। इसने अपनी बढ़ती महत्वाकांक्षा व जल्द अमीर बनने के लालच में सोचा कि दिवंगत को रास्ते से हटा देगा तो इनके स्वजनों पर विश्वास पात्र बनकर उनकी मजबूरी का फायदा उठायेगा और प्रापर्टी को बिकवा कर अच्छा आर्थिक लाभ अर्जित करेगा क्योंकि ये बेरोजगार था। जिसकी अभी छह माह पूर्व ही शादी हुई थी। हालांकि इंटेलीजेंस विंग, एसओजी, सर्विलांस व कोतवाली पुलिस भूमि का सौदा करने वालों के बारे में भी गोपनीय तरीके से जानकारी जुटा रही है।
जेल गया अंकित डीएलएड

हत्यारोपित ने डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) कर रखा था। इसी के साथ आठ-नौ साल से सिपाही भर्ती की तैयारी को दौड़ लगाता था। तभी इसका संपर्क अधिवक्ता से हुआ था क्योंकि अधिवक्ता भी प्रतिदिन शाम को टहलने जाते थे। इसके बाद इनका खास बन गया था। पुलिस के अनुसार इसने अकेले ही हत्या की है। हालांकि इसके पहले इस पर कोई आपराधिक मुकदमा नहीं है। दिवंगत के नाम अरबों रुपये कीमत की 109 बीघा खेत थे। जिसमें चार पार्टनर हैं। एक पार्टनर ने वर्ष 2023 में दस बीघा खेत एक चिकित्सक को बेच दी थी।




अधिवक्ता की प्रापर्टी का सौदा तय न होने की वजह से हत्यारोपित अंकित मिश्रा को कमीशन नहीं मिल पा रहा था इसलिए इसने एक माह पूर्व ही अधिवक्ता की हत्या की योजना बनाई और 21 जनवरी को शाम इनकी हत्या कर दी। इसने दिवंगत से करीब 12 से 15 लाख रुपये भी ले लिए थे। हत्यारोपित को जेल भेजकर सभी बिंदुओं पर विवेचना जारी है, कोई नया साक्ष्य मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-अनूप कुमार सिंह, एसपी।
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