किऊल-लखीसराय वैकल्पिक मार्ग से घटी दूरी, डीएम के आदेश की अनदेखी जारी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/23/article/image/Lakhisarai-News-1769179537553_m.webpजागरण संवाददाता, लखीसराय। जिले में किऊल और लखीसराय के बीच सीधा संपर्क बनाने और दूरी कम करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की पहल पर वैकल्पिक मार्ग जुगाड़ माध्यम से फिर से तैयार किया गया है। यह मार्ग स्थानीय लोगों की सुविधा और समय की बचत को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
डीएम ने स्पष्ट किया है कि नया वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित और क्षतिग्रस्त नहीं है। इसके कारण, पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के अलावा किसी भी थ्री-व्हीलर (आटो / ई-रिक्शा) या फोर-व्हीलर वाहन का परिचालन प्रतिबंधित किया गया है।
जिलाधिकारी ने अपने पत्र में यह भी निर्देशित किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहन को तत्काल जब्त किया जाएगा और चालक/स्वामी के खिलाफ प्रचलित कानून के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैफिक प्रभारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), जिला परिवहन पदाधिकारी और संबंधित थानाध्यक्षों को आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन तथा निगरानी की जिम्मेदारी सौंपा गया है। यह आदेश सभी आमजनों पर समान रूप से लागू होगा, और किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।
आदेश के दूसरे दिन ही दिखी मनमानी
हालांकि, जिलाधिकारी के आदेश जारी होने के अगले ही दिन शुक्रवार को निरीक्षण में पाया गया कि किऊल नदी के रास्ते अब भी आटो और ई-रिक्शा से सवारी ढोई जा रही थी। स्थानीय लोग बता रहे हैं कि नदी में ही अवैध स्टैंड बनाकर वाहन परिचालित किए जा रहे हैं, जबकि वैकल्पिक मार्ग की सुरक्षा को लेकर इसकी आवश्यकता नहीं थी।
स्थानीय ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति और नियमों की अनदेखी के कारण आदेश का पालन पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है।
इससे स्पष्ट है कि प्रशासन के आदेश और वास्तविक जमीन पर व्यावहारिक पालन के बीच खाई बनी हुई है। नागरिक सुरक्षा और वाहनों की सही तरीके से परिचालन सुनिश्चित करने के लिए अब सख्त निगरानी और नियमित वाहन चेकिंग की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने अपनी पहल से रास्ता सुगम बनाने का प्रयास किया है, लेकिन प्रशासनिक अनुशासन और ट्रैफिक नियमों के प्रभावी पालन के बिना यह प्रयास अपने लक्ष्य तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है।
Pages:
[1]