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सुशासन, तकनीकी व नवाचार विकसित उत्तराखंड की नींव, CM धामी ने चिंतन शिविर में कही यह बात

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देहरादून में चिंतन शिविर को संबोधित करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। सूवि



राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में विकसित उत्तराखंड का विजन अहम भूमिका निभाएगा। इसे देखते हुए सरकार व्यवहारिक और समयबद्ध रणनीति तैयार करने में जुट गई है।

इसी क्रम में आयोजित चिंतन शिविर एवं डायलाग आन विजन-2047 में प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह सिंह धामी ने सरकार का दृष्टिकोण रखा।

उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखंड की नींव सुशासन, तकनीक व नवाचार और जनकेंद्रित सतत व संतुलित विकास के तीन स्तंभों पर टिकी है।

साथ ही अधिकारियों को नसीहत दी कि वे सोलो प्लेयर वाली मानसिकता से ऊपर उठकर टीम उत्तराखंड के रूप में कार्य कर अगले 25 वर्षों की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें।

मुख्यमंत्री धामी की पहल पर वर्ष 2022 में पहला चिंतन शिविर हुआ था।

इसकी अगली कड़ी में शुक्रवार को यहां सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट में आयोजित दो-दिवसीय चिंतन शिविर के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल नियमों और प्रकिया का पालन करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना होगा कि हर निर्णय समय पर हो, हर योजना पारदर्शी हो और हर अधिकारी अपने दायित्व के प्रति जवाबदेह हो।

उन्होंने ई-गवर्नेंस, एआइ, डाटा विश्लेषण जैसी आधुनिक तकनीकी का उपयोग कर शासन को अधिक प्रभावी, तेज व पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि तकनीक केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ व सीमावर्ती गांवों तक भी पहुंचे, यह सुनिश्चित होना चाहिए। साथ ही हमारी नीतियों व योजनाओं के केंद्र में आमजन का कल्याण सर्वाेपरि होना चाहिए।

जनता का विश्वास प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण यहां कुछ विशेष चुनौतियां भी हैं, लेकिन इनमें अनेक अवसर छिपे हैं।

यदि हम अपनी नीतियों व योजनाओं को यहां की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय व भविष्य की जरूरत के अनुरूप ढालें तो राज्य आर्थिकी व पारिस्थितिकी के बीच संतुलन स्थापित कर देश को नई दिशा दे सकता है।

उन्होंने आपदा प्रबंधन को विकास योजना का अभिन्न हिस्सा बनाने की जरूरत बताई।

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