उत्तर प्रदेश सूचना आयोग में मंडलवार सुनवाई खत्म, अब सॉफ्टवेयर से होगा मामलों का आवंटन
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/20_07_2025-rti_dainik_jagran_23989314-1769195416188_m.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य सूचना आयोग में आयुक्तों द्वारा मंडलवार सुनवाई की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। नई व्यवस्था में साफ्टवेयर के माध्यम से किसी भी जिले की द्वितीय अपील/शिकायतें सूचना आयुक्तों को सीधे आवंटित होंगी।
मुख्य सूचना आयुक्त डॉ. राजकुमार विश्वकर्मा ने ट्रायल के बाद अब इस व्यवस्था को स्थाई रूप से आयोग में लागू कर दिया है।
सूचना आयोग में आयुक्तों को सुनवाई के लिए मंडल आवंटित किए गए थे। इस व्यवस्था में मंडलों से द्वितीय अपील/ शिकायत आयोग के समक्ष सुनवाई के लिए आती थी, उन्हें संबंधित मंडल देख रहे सूचना आयुक्तों के कोर्ट में सूचीबद्ध कर दिया जाता था।
आमतौर पर एक सूचना आयुक्त के बाद अधिकतम 2,500 अपील सुनवाई की व्यवस्था तय है, लेकिन पूर्व की व्यवस्था में किसी सूचना आयुक्त के पास कम तो किसी के पास ज्यादा सुनवाई हो जाती थी।
नई व्यवस्था में अब जिस सूचना आयुक्त के पास तुलनात्मक रूप से कम केस होंगे, अपील पंजीकृत होने के बाद उनके सुनवाई कक्ष में अपील सूचीबद्ध हो जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया आयोग में साफ्टवेयर से स्वतः होगी।
अगर किसी आवेदक की कोई अपील पहले से किसी आयुक्त के समक्ष विचाराधीन है और उसने दोबारा कोई अपील दाखिल की है तो नई अपील उसी आयुक्त के यहां सूचीबद्ध होगी, जहां पहले से उसके केस लगे हैं।
बता दें कि बीते वर्ष पांच जनवरी से शिकायत व अपील ट्रैकिंग प्रणाली से जुड़ा नया साफ्टवेयर शुरू किया गया था। इसके तहत शिकायतों व द्वितीय अपीलों की ई-फाइलिंग, अपीलकर्ता के द्वारा दिए गए विकल्प के अनुसार शिकायतों का आनलाइन व आफलाइन सुनवाई की व्यवस्था की जा रही है।
गौरतलब है कि आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के अलावा 10 सूचना आयुक्त होते हैं लेकिन वर्तमान में सूचना आयुक्त का एक पद रिक्त चल रहा है।
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