cy520520 Publish time 2026-1-24 08:58:00

Bird Flu Alert! बिहार में बर्ड फ्लू का खतरा, 70°C पर वायरस खत्म; क्यों जरूरी है सतर्कता?

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मुर्गियों में तेजी से फैलने वाला रोग



जागरण संवाददाता, पटना। बिहार में बर्ड फ्लू की संभावित आशंका को देखते हुए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने किसानों, मुर्गी पालकों और आम लोगों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अनुसार बर्ड फ्लू एक वायरस जनित बीमारी है, जो मुख्य रूप से पक्षियों में पाई जाती है और जंगली जलीय पक्षी इसके प्राकृतिक वाहक होते हैं। समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो इसका असर मुर्गी पालन व्यवसाय और जन स्वास्थ्य दोनों पर पड़ सकता है।
मुर्गियों में तेजी से फैलने वाला रोग

बर्ड फ्लू मुख्य रूप से मुर्गियों का अत्यंत संक्रामक रोग है। संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से यह संक्रमण अन्य मुर्गियों में तेजी से फैलता है।

यही नहीं, बीमार पक्षियों के सीधे संपर्क में आने पर यह मनुष्यों में भी संक्रमण फैला सकता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इससे पोल्ट्री उद्योग को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
बच्चों और इंसानों में कैसे फैलता है संक्रमण

विशेष रूप से बच्चे और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग अगर बीमार पक्षियों के म्यूकस, बीट या पंखों के संपर्क में आ जाएं तो उनमें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

बर्ड फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जिनमें तेज बुखार, जुकाम, नाक बहना और सांस लेने में दिक्कत शामिल है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
70°C तापमान पर खत्म हो जाता है वायरस

विभाग ने साफ किया है कि बर्ड फ्लू वायरस सामान्यतः 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर नष्ट हो जाता है। इसका मतलब यह है कि यदि किसी क्षेत्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि भी हो जाती है, तब भी अंडा और चिकन को 70°C या उससे अधिक तापमान पर अच्छी तरह पकाकर खाने से कोई नुकसान नहीं होता। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि सही जानकारी और सावधानी जरूरी है।
घबराएं नहीं, ये सावधानियां जरूर अपनाएं

बीमार मुर्गियों के सीधे संपर्क में न आएं। यदि संपर्क जरूरी हो तो दस्ताने या अन्य सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल करें। बीमार पक्षियों के पंख, म्यूकस और बीट को छूने से बचें। यदि गलती से संपर्क हो जाए तो तुरंत साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं। यह छोटी सावधानी बड़े खतरे से बचा सकती है।
मरे पक्षियों की तुरंत दें सूचना

संक्रमित या बीमार पक्षियों को मारकर उनका सुरक्षित निपटान करना बेहद जरूरी है। किसी भी बीमार या मरे हुए पक्षी की सूचना तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय को दें। विभाग ने इसे जन स्वास्थ्य के लिहाज से अत्यंत आवश्यक बताया है। साथ ही पक्षियों को बाड़े में रखें और केवल फार्म की देखभाल करने वालों को ही वहां प्रवेश करने दें।
साफ-सफाई और संपर्क जानकारी



पक्षियों के बाड़े और उसके आसपास नियमित साफ-सफाई रखें। अतिरिक्त जानकारी और मदद के लिए पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना के नियंत्रण कक्ष के टेलीफोन नंबर 0612-2226049 पर संपर्क किया जा सकता है। सही जानकारी और सतर्कता से बर्ड फ्लू के खतरे को आसानी से टाला जा सकता है।
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