आलू और सरसों के किसानों की बढ़ी चिंता, पश्चिमी विक्षोभ से बदले मौसम से परेशान
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/potato-prices-1769236515855_m.webpसांकेतिक तस्वीर।
संवाद सूत्र, जागरण सादाबाद। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम अचानक बिगड़ गया है। शुक्रवार को दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दीं। खासकर आलू और सरसों की फसल इस समय अपने अंतिम चरण में है। हालांकि सादाबाद में बहुत बारिश नहीं हुई है मगर जहां तेज बारिश हुई, वहां खेतों में पानी भरने से आलू की फसल पूरी तरह खराब हो सकती है और सरसों में भी भारी नुकसान की आशंका है। सासनी, सहप ऊ, मुरसान और सिकंदराराऊ क्षेत्र में तेज बारिश से भारी नुकसान होने का अंदेशा है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम, आलू के किसानोंं को टेंशन
सादाबाद क्षेत्र के किसानों का कहना है कि यह बारिश उसके लिए वरदान मानी जा रही है। गेहूं की फसल को इस समय हल्की नमी की जरूरत होती है, जिससे दाने भरने में मदद मिलती है और पैदावार बढ़ती है।किसान राम सिंह ने बताया अभी तक जो बारिश हुई है उससे कोई नुकसान नहीं है, लेकिन अगर तेज बरसात हो गई तो आलू की फसल खेत में ही सड़ जाएगी। दूसरी ओर सासनी, मुरसान और सहप ऊ एवं सिकंदराराऊ क्षेत्र के किसान टेंशन में हैं।
गेहूं के लिए यह बारिश अच्छी है, लेकिन आलू और सरसों के लिए खतरे की घंटी है। खेतों में पानी भर गया तो निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। रमेश चंद्र, किसान।
पश्चिमी विक्षोभ से बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल फसलें सुरक्षित हैं, लेकिन आने वाले कुछ दिन किसानों के लिए बेहद अहम साबित होंगे। सभी की निगाहें अब मौसम के अगले मिजाज पर टिकी हैं। अनिल जादाैन, किसान।
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