cy520520 Publish time 2026-1-24 14:56:50

डुमरांव में अवैध पटाखा कारोबार: रिहायशी इलाकों में मौत का सामान, प्रशासन बेखबर

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जांच करती पुलिस की टीम। (जागरण)



संवाद सहयोगी, डुमरांव (बक्सर)। डुमरांव और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से पटाखा निर्माण और भंडारण का खेल वर्षों से धड़ल्ले से चल रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगती।

जब कहीं पटाखा फैक्ट्री या भंडारण स्थल पर विस्फोट हो जाता है, तभी यह मुद्दा सुर्खियों में आता है और प्रशासन की नींद टूटती है। इसके बाद भी पूरे नेटवर्क को उजागर करने के बजाय कार्रवाई केवल विस्फोट से जुड़े एक-दो लोगों तक सीमित रह जाती है।

बुधवार को नगर के ब्रह्म बाबा की गली में हुए विस्फोट ने एक बार फिर इस खतरनाक अवैध कारोबार की पोल खोल दी है। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले नया भोजपुर और पुराना भोजपुर में पटाखा निर्माण के दौरान हुए भीषण विस्फोटों में दो लोगों की जान जा चुकी है और पूरे मकान मलबे में तब्दील हो गए थे।

बावजूद इसके न तो कोई ठोस नीति बनी और न ही अवैध कारोबारियों पर निर्णायक कार्रवाई हो सकी। डुमरांव की रिहायशी इलाके में वर्षों से चोरी-छिपे पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा है।

संकरी गलियों और घनी आबादी के बीच चल रहे ये कारखाने कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। थोड़ी सी लापरवाही या निर्माण में अनियमितता पूरे मोहल्ले को तबाही की ओर धकेल सकती है।
रिहायशी इलाकों में मौत का सामान

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि प्रशासन और पुलिस के पास आज तक यह स्पष्ट सूची तक नहीं है कि किन-किन इलाकों में अवैध पटाखा निर्माण हो रहा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। जब जानकारी ही अधूरी हो, तो कार्रवाई कैसे होगी यह अपने-आप में बड़ा सवाल है।
कहां से आता है पटाखा निर्माण का कच्चा माल

विस्फोट की घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि अवैध पटाखा निर्माण के लिए रा-मेटेरियल आखिर कहां से मिल रहा है। जबकि पटाखा निर्माण में उपयोग होने वाले शोरा, गंधक और नौसादर जैसे रसायनों की बिक्री पर सख्त नियम हैं और लाइसेंस अनिवार्य है। इसके बावजूद शहर और आसपास के क्षेत्रों में ये पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।

अभी हाल ही में डुमरांव शहर में एक दुकान पर हुई छापेमारी में बड़ी मात्रा में पटाखा निर्माण से जुड़ा कच्चा माल बरामद होना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यह अवैध कारोबार किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क के रूप में फल-फूल रहा है।

अब सवाल यह है कि क्या इस बार प्रशासन भी सिर्फ प्राथमिकी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेगा, या फिर अवैध विस्फोटक कारोबार की जड़ों तक पहुंचकर सख्त और स्थायी कार्रवाई करेगा।
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