Republic Day 2026: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा घेरा मजबूत; श्रीनगर-जम्मू में लगे विशेष नाके, सीसीटीवी के जरिए निगरानी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/Security-forces-Kashmir-1769260495674_m.webpडीजीपी नलिन प्रभात स्वयं सुरक्षा स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि किसी भी आतंकी वारदात को रोका जा सके।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। गणतंत्र दिवस के मद्देनजर कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और किसी भी आतंकी वारदात की आशंका को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था बड़ा दी गई है।
दोनों राजधानी शहरों श्रीनगर और जम्मू में आने जाने के सभी रास्तों पर विशेष नाके लगाए गए हैं और बाहरी इलाकों में लगातार औचक तलाशी अभियान चलाए जा हरे हैं।विभिन्न इलाकों में सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। कठुआ-जम्मू, जम्मू-श्रीनगर, जम्मू-पुंछ राजमार्ग पर लगातार चौकसी बरती जा रही है। सीमांत इलाकों में सुरक्षाबलों ने घुसपैठ रोधी तंत्र की समीक्षा करते हुए गश्त बढ़ादी है।
आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस हो या स्वतंत्रता दिवस या फिर कोई अन्य महत्वपूर्ण अवसर,आतंकियों द्वारा कोई वारदात किए जाने की आशंका रहती है,क्योंकि इस दौरान कोई भी छोटी से वारदात भी उन्हें प्रचार का पूरा मौका देती है। पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात स्वयं घाटी के विभिन्न जिलों का दौरा कर सुरक्षा तंत्र की समीक्षा कर रहे हैं।
सुरक्षा में कोई चूक नहीं कर सकते
एक वरिष्ठ सुरक्षाधिकारी ने कहा कि बेशक प्रत्यक्ष तौर पर किसी आतंकी हमलेे को कोई खतरा नहीं है,लेकिन आप कोई चूक नहीं कर सकते। प्रदेश में हालात पूरी तरह शांत और नियंत्रित हैं । अपने कैडर का मनाेबल बनाए रखने काप्रयास कर रहे हताश आतंकी कमांडर गणतंत्र दिवस पर किसी वारदात का मौका जरुर तलाश कर रहे होंगे।
कोई छोटी सी भी आतंकी वारदात ऐसे माैकों पर बहुत बड़ी बन जाती है,इसलिए पूरे प्रदेश में सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्कता का उच्चस्तर बनाए रखने को कहा गया है।प्रदेश के सभी 20 जिलों में सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाय ागया है। सीमांत इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।
उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस का मुख्य समाराेह जम्मू में होने जा रहा है,जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा परेड की सलामी लेंगे।
जम्मू समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी जम्मू में ही समारोह में शामिल होंगे। कश्मीर घाटी में गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह यहां स्टेडियम में हो। दोनों राजधानी शहरों में गणतंत्र दिवस समारोह स्थल के आस पास सुरक्षा का विशेष प्रबंध किया गया है। सभी जिला मुख्यालयों में भी गणतंत्र दिवस समारोह स्थलों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
इसके साथ ही पूरे प्रदेश में सभी महत्वपूर्ण सड़कों पर चिह्नित स्थानों में क्यूआरटी और क्यूएटी के साथ साथ विशेष नाके स्थापित किए गए हैं।सीमांत क्षेत्रों से लेकर प्रदेश के भीतरी भागों में सुरक्षाबलों की तैनाती और गश्त बढ़ाते हुए,आतंकरोधी अभियानों में तेजी लाई गई है। ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए विभिन्न इलाको में निगरानी रखी जा रही है।
संवेदनशील इलाकों में गश्त और निगरानी बढ़ाई
सीमांत इलाकों में विशेषकर घुसपैठ की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में गश्त और निगरानी बढ़ाई गई है। घुसपैठरोधी तंत्र को और बेहतर बनाया गया है। दूर दराज के पहाड़ी इलाकों के अलावा घाटी में अल्पसंख्यकों की बस्तियों, बाहरी श्रमिकों की आबादी वाले मोहल्लों और विभिन्न धर्मस्थलो की सुरक्षा का विशेष प्रबंध किया गया है। पूरे प्रदेश में सभी महत्वपूण्र प्रतिष्ठानों विशेषकर पुलिस और सुरक्षाबलों के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विभिन्न इलाको में लगातार तलाशी अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
संबधित अधिकारियों ने बताय कि सुरक्षा प्रबंधों की लगातार समीक्षा करते हुए उन्हें और बेहतर बनाया जा रहा है। आतंकियों के सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।सभी संदिग्ध् तत्वों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। चौकी स्तर तक संबधित अधिकारियो ंकोअपने अपने कार्याधिकार क्षेत्र में किसी भी आतंकी वारदात को पूर्व सक्रियता की नीति से विफल बनाने और राष्ट्रीविरोधी तत्वों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
साजिश को विफल बनाने की रणनीति
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई गणतंत्र दिवस के दौरान या उससे पहले श्रीनगर में किसी भी तरह की गड़बड़ी की साजिश को विफल बनाने की रणनीति के तहत की जा रही है। इस दौरान सुरक्षा तंत्र की समीक्षा करते हुए उसे और बेहतर बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के औचक तलाशी अभियान से आतंकियों और उनके समर्थकों पर दबाव बनता है और वह अपने ठिकानों से बाहर निकलने से बचते हैं जबकि आम लोगों में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
उन्होंने बताय कि इस तरह के तलाशी अभियान श्रीनगर के साथ सटे बेमिना, नौगाम, हारवन, शालीमार, तेलबल जैसे इलाकों में भी चलाए जा रहे हैं। श्रीनगर में दाखिल होने के सभी रास्तों पर विशेष चौकसी बरती जा रही है।
Pages:
[1]