पुंछ में भारी बर्फबारी ने बढ़ाई मुश्किलें, भूस्खलन के चलते कई गांव सड़क संपर्क से कटे; जम्मू-पुंछ राजमार्ग खुला
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/snowfall-in-Poonch-1769262704781_m.webpस्थानीय लोग प्रशासन से जल्द सड़कें खोलने और बुनियादी सुविधाएँ बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
संवाद सहयोगी, पुंछ। जम्मू-कश्मीर के अन्य भागों की तरह सीमावर्ती जिला पुंछ में शुक्रवार को हुई भारी बर्फबारी से स्थानीय लोगों को ठंड के अलावा बिजली, पानी और यातायात की परेशानी छेलनी पड़ी। बर्फबारी के कारण जहां जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात बंद रहा। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद आज शनिवार दोपहर बाद यह मार्गखोला गया।
शुक्रवार को दिन भर जारी बर्फबारी के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन के चलते लोगों को भारी परेशानीयों का सामना करना पडा रहा है। पुंछ जिला की मंडी तहसील के सीमावर्ती इलाका साब्जियां, लोरन के अलावा कई गांव दूसरे दिन भी पुंछ मुख्यालय से सड़क सम्पर्क से कटे रहे। हालांकि प्रशासन द्वारा सड़क मार्ग को खोलने के लिए दिनभर कार्य जारीरहा। कोहरे और फिसलन के चलते सड़क पर यातायात बहाल नहीं हो पाया।
पुंछ जिले की मंडी तहसील के नियंत्रण रेखा पर सटे साब्जियां के निवासी शहराज, महोमद लतीफ, नूर दीन आदि ने बताया कि भारी बर्फबारी के अलावा छम्बर कीनारी और खेत में भूस्खलन के कारण ग्रामीणो को भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। आज दूसरे दिन भी यातायात से लोगों को वंचित रहना पड़ा।
वहीं बिजली की तारें टूट जाने के कारण साब्जियां इलाके में बिजली बहाल नहीं हो पाई है। जिस कारण नियंत्रण रेखा से सटा यह इलाका अंधेरे में डूबा रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़को से बर्फ हटा कर जल्द से जल्द इस मार्ग पर यातायात बहाल करने की मांग की। इसके अलावा जिले में बिजली-पानी की बहाली भी सुनिश्चित करने को कहा। ताकी लोगों को जल्द से जल्द परेशानियों से छुटकारा मिले। अगर इस दोरान कोई नागरिक बीमार हो जाता है तो उसे अस्पताल पहुंचाना मुश्किल है।
वही मंडी के लोरन क्षेत्र में पलेरा तक सड़क से बर्फ हटाने के बाद वहां तक यातायात बहाल किया जा सका। अन्य मार्ग अभी भी बंद हैं। यात्री वाहनों को मंडी से आगे जाने की अनुमति नहीं है क्योंकि सड़क पर अभी भी फिसलन होने के कारण वाहनों की आवाजाही असुरक्षित है। यही वजह है कि सड़क पर उतरने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जा रही है।
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