पुराने भूमि दस्तावेज पढ़ना अब होगा आसान; आम लोगों की मदद को तैयार हुआ विशेषज्ञों का पैनल
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/Land-Documents-1769263893728_m.webpजमीन के दस्तावेज को पढ़ने में नहीं होगी परेशानी। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए राजस्व सर्वे (प्रशिक्षण) संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शनिवार को समापन हुआ।
इस दौरान कैथी लिपि की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से लेकर उसके व्यवहारिक उपयोग तक का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न क्षेत्रीय शैलियों के साथ-साथ भूमि से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को पढ़ने, समझने और अनुवाद करने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने इसका उद्देश्य बताया तो बीएचयू के शोध छात्र सह प्रशिक्षक प्रीतम कुमार ने कैथी लिपि का सामान्य परिचय देते हुए उसकी ऐतिहासिकता, विशेषताओं तथा कैथी के सरल स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की।
मिथिला, भोजपुरी, मगध व तिरहुत शैली पर केंद्रित प्रशिक्षण समाप्त
सारण निवासी प्रशिक्षक वकार अहमद ने भूमि से संबंधित विभिन्न दस्तावेजों में प्रयुक्त उर्दू–फारसी शब्दावलियों की जानकारी दी।
प्रीतम कुमार ने मिथिला क्षेत्र में प्रचलित कैथी वर्णमाला एवं पांडुलिपियों की विशेषताओं को रेखांकित किया। वकार अहमद द्वारा मिथिला क्षेत्र से संबंधित केवाला एवं खतियान दस्तावेजों का अभ्यास कराया गया।
प्रीतम कुमार ने भोजपुरी प्रकार की कैथी लिपि का परिचय कराते हुए संपूर्ण उत्तर भारत में कैथी लिपि में उपलब्ध ऐतिहासिक अभिलेखों की जानकारी साझा की।
इसी दिन वकार अहमद ने भोजपुरी क्षेत्रों से प्राप्त कैथी दस्तावेजों का व्यावहारिक अभ्यास कराया। चौथे दिन प्रशिक्षकों द्वारा मगध क्षेत्र की कैथी लिपि के अक्षर ज्ञान पर विशेष बल दिया गया तथा इस शैली में उपलब्ध भूमि से जुड़े दस्तावेजों का अभ्यास कराया गया।
कैथी लिपि में उपलब्ध पुराने दस्तावेजों के कारण राज्य के आम लोगों को लंबे समय से व्यवहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन परेशानियों को दूर करने के उद्देश्य से कैथी लिपि के जानकार विशेषज्ञों का पैनल गठित कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया था। विभाग द्वारा इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया है। अब प्रशिक्षित कैथी लिपि विशेषज्ञों के लिए प्रति पृष्ठ के हिसाब से दर भी तय कर दी गई है।
विजय कुमार सिन्हा, उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री।
Pages:
[1]