UP के बजट में मिशन-2027 की दिखेगी झलक? CM योगी ने जन-अपेक्षाओं को बताया सरकार की प्राथमिकता
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/24/article/image/UP-tourism-yogi-CM-1769274398913_m.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्य्मंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट तैयारियों पर अधिकारियों से कहा है कि बजट का केंद्र बिंदु लोक कल्याण होना चाहिए।
गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं के साथ ही वंचित वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही बजट की आत्मा हो।
सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता सिर्फ जनहित है। माना जा रहा है कि अगले वर्ष होने वाले विधान सभा चुनाव की तैयारियों को देखते हुए सरकार इस बार बजट में लोक कल्याणकारी योजनाओं को अधिक तरजीह देने जा रही है। विकास कार्यों के मद में बजट आवंटन बढ़ाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को अगले वित्तीय वर्ष के बजट प्रस्तावों पर अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि लगभग नौ वर्षों में प्रदेश ने विकास, सुरक्षा और समृद्धि की जिस दिशा में ठोस प्रगति की है, उससे जनता को सरकार से बड़ी आशा है।
जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि एक फरवरी को आने वाले केंद्र सरकार के आम बजट के प्रविधानों को देखते हुए बजट प्रस्तावों में जरूरी बदलाव करें।
बजट में पुलिस, न्याय और प्रशासन से जुड़े विभागों के प्रस्ताव जन-सुरक्षा, त्वरित न्याय और आम नागरिक के विश्वास को और मजबूत करने वाला होना चाहिए।
वित्तीय प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि लोककल्याण और वित्तीय अनुशासन एक-दूसरे के पूरक हैं। संसाधनों का उपयोग इस प्रकार से किया जाए कि योजनाओं की गुणवत्ता बढ़े, समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और जनता को वास्तविक परिणाम दिखाई दे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश ने जिस विश्वास के साथ आगे बढ़कर देश में अपनी नई पहचान बनाई है, अगला बजट उसी विश्वास को और मजबूत करने वाला हो। जन-आकांक्षाओं, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और दीर्घकालिक विकास को संतुलित रखते हुए प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाए।
बजट लोककल्याण, सुशासन और वित्तीय समृद्धि के माध्यम से प्रदेश की जनता के सपनों और अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रस्ताव बनाए गए हैं जिससे राज्य की वित्तीय समृद्धि और स्थिरता बनी रहे।
विकास कार्यों में निरंतरता सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री के अधीन वाले विभागों तथा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के विभागों के बजट प्रस्तावों, नई मांगों और रखे गए प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों के अलावा सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर और परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह उपस्थित रहे।
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