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फतेहगढ़ रेल ब्लास्ट: डेटोनेटर से धमाके की आशंका, खराब मौसम के बीच 12 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन

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खराब मौसम के बीच 12 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन। फोटो जागरण



नवनीत छिब्बर, फतेहगढ़ साहिब। गणतंत्र दिवस से दो दिन पहले सरहिंद में रेल ट्रैक पर बम धमाका किया गया। हमलावरों के निशाने पर डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर रहा। यह रेल ट्रैक विशेष तौर पर मालगाडि़यों के लिए है। पुलिस की सतर्कता के बावजूद इस घटना को अंजाम दिया गया। धमाके के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने 12 घंटे से ज्यादा समय तक सर्च अभियान चलाया।

शुक्रवार रात 9:50 मिनट पर फ्रेट कारिडोर से गुजर रही कोयला ढोने वाली मालगाड़ी को धमाके से निशाना बनाया गया। हालांकि मालगाड़ी खाली थी। धमाके के बाद पुलिस को रेल लाइन से तारें बरामद हुईं, जिनके जरिए धमाका किया गया।

ब्लास्ट में इस्तेमाल विस्फोटक और उसके तरीके पर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है। आशंका जताई जा रही है कि डेटोनेटर के जरिए विस्फोट किया गया है। ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आईं।

डीआइजी डा. नानक सिंह ने बताया कि पुलिस और सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल से इस घटना की जांच की जा रही है। शुक्रवार को दिन भर हुई बारिश के कारण घटनास्थल के आसपास कीचड़ था और खेतों में पानी भरा था।

इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां, डाग स्क्वायड और बम स्क्वायड टीमों ने घंटों तक अंधेरे में सर्च आपरेशन चलाया। यह शनिवार को दिन में भी जारी रहा। मौके पर मोहाली से पहुंची फारेंसिक टीम ने विस्फोटक के सैंपल लिए और इस्तेमाल तारों को कब्जे में लिया। इन्हें जांच के लिए मोहाली स्थित स्टेट फारेंसिक लैब में भेज दिया गया है।
वर्षा से कीचड़ और जलभराव के कारण डाग स्क्वायड को ज्यादा मदद नहीं मिली

बारिश के कारण कीचड़ और जलभराव के कारण डाग स्क्वायड से ज्यादा मदद नहीं मिल सकी। डीआइजी डा. नानक सिंह सहित सुरक्षा एजेंसियों ने इस धमाके के पीछे आतंकवादी गतिविधि की आशंका जाहिर की थी जो शनिवार शाम तक सही साबित हुई। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालकर इसकी जिम्मेदारी ली। हालांकि डीआइजी डा. नानक का कहना है कि उन्हें इस चिट्ठी की जानकारी नहीं है।
दो साल में तीसरी बार सरहिंद में रेल ट्रैक पर घटना

बीते दो वर्षों में तीसरी बार है जब सरहिंद में रेल ट्रैक पर घटना हुई। पहली घटना में दो जून 2024 को सरहिंद माल गोदाम के पास डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर लाइन पर कोयले से लोड खड़ी मालगाड़ी को पीछे से कोयले के रैक ने टक्कर मार दी थी।

टक्कर के कारण मालगाड़ी का इंजन मेन लाइनों पर गिर गया था, जो कोलकाता से जम्मू जा रही समर स्पेशल ट्रेन के इंजन से टकरा गया था। इस घटना में मालगाड़ी के दो लोको पायलट विकास कुमार व हिमांशु कुमार जख्मी हुए थे।

इसके बाद साल 2024 में ही तीन नवंबर को छठ पूजा से पहले सरहिंद में अमृतसर से हावड़ा जा रही ट्रेन में एक बाल्टी में रखी ज्वलनशील सामग्री में आग लगने से हादसा हुआ था। इसमें कुछ यात्री जख्मी हुए थे।

इसी तरह 18 अक्टूबर 2025 को सरहिंद रेलवे स्टेशन के नजदीक अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन के कोच संख्या 19 में लगी आग से उसके आगे व पीछे के डिब्बे भी चपेट में आ गए थे।
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