भोजशाला में शांतिपूर्ण आयोजन के बाद पुलिसकर्मियों ने किया नृत्य, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/jagran-photo-1769285742647_m.webpभोजशाला में शांतिपूर्ण आयोजन के बाद पुलिसकर्मियों ने किया नृत्य (फोटो- वीडियो ग्रैब)
जेएनएन, धार। मध्य प्रदेश के धार में भोजशाला में वसंत पंचमी पर शुक्रवार को पूजा और दूसरे समुदाय द्वारा नमाज पढ़ने का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर दूसरे दिन शनिवार को पुलिस कर्मियों ने नृत्य कर खुशी मनाई। बता दें कि भोजशाला में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पूरे दिन पूजा और नमाज के समय नमाज का आयोजन हुआ।
आठ हजार पुलिस बल की तैनाती थी
व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग आठ हजार पुलिस बल की तैनाती प्रस्तावित की गई थी, लेकिन उस समय करीब सात हजार पुलिस जवान ही तैनात किए जा सके थे, जबकि भीड़ अपार थी। पुलिस कर्मियों ने तनावमुक्त होने के लिए शनिवार को पुलिस लाइन परिसर में नृत्य कर उत्साह का प्रदर्शन किया।
पुलिस कर्मियों द्वारा किया गया यह नृत्य तनाव से मुक्ति की सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया है। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहा है। वीडियो में पुलिस कर्मियों की सेवा भावना, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना की जा रही है। लगातार ड्यूटी, फ्लैग मार्च और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद शहर में शांति बनाए रखने में पुलिस की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस बल को लंबी ड्यूटी के बाद शनिवार को धार पुलिस लाइन में विशेष भोज दिया गया। इस भोज के दौरान कुछ जवानों ने नृत्य किया। यह विभाग की ओर से आयोजन नहीं था। ड्यूटी बांटने के लिए लगाए गए स्पीकर पर किसी ने गाने लगा लिए होंगे। विभाग द्वारा केवल खाना दिया गया था। -पुरुषोत्तम विश्नोई, रक्षित निरीक्षक, पुलिस लाइन, धार।
भोजशाला में नमाज व्यवस्था को लेकर मुस्लिम समाज की आपत्ति, कोर्ट जाएंगे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भोजशाला में वसंत पंचमी पर हिंदू समाज ने दिन भर पूजा की जबकि जुमे की नमाज के समय मुस्लिम समुदाय ने प्रशासन की देखरेख में नमाज पढ़ी। अब नमाज को लेकर आपत्ति की गई है।
कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के सदर व सुप्रीम कोर्ट में मामले के याचिकाकर्ता अब्दुल समद ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने डमी नमाज करवाई है। इसके लिए कुछ ऐसे लोगों को ले जाया गया, जो धार के स्थानीय निवासी नहीं थे। यह लोग भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़े हुए हैं। समद ने शनिवार को मीडिया से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि उनके समाज के 13 लोगों को बंदी बनाकर रखा गया था।
इस मामले में समाज के जिम्मेदार पदाधिकारियों एवं याचिकाकर्ताओं से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया। हमने हमेशा प्रशासन को सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि विरोध करना उनका संवैधानिक अधिकार है और इस पूरे मामले में वह न्यायालय की शरण लेकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
प्रशासन द्वारा कोर्ट के आदेश की अवमानना की गई है। जिस स्थान पर नमाज करवाई गई वह भोजशाला का परिसर नहीं है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने प्रशासन को गलत जानकारी दी है। इस संबंध में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि वसंत पंचमी पर सारे कार्य उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार हुए हैं।
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