deltin55 Publish time 2 hour(s) ago

दावोस में झारखंड ने क्रिटिकल मिनरल्स पर वैश्विक मंच पर दिखाई रणनीतिक ताकत, ऊर्जा सुरक्षा में निभाएगा अहम भूमिका



दावोस/रांची।
ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच झारखंड ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस में अपनी रणनीतिक क्षमताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने क्रिटिकल मिनरल्स पर एक उच्चस्तरीय वैश्विक संवाद का आयोजन किया, जिसमें भारत, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी सहित कई देशों के नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए।





इस ग्लोबल हाइब्रिड राउंड टेबल का विषय “भूविज्ञान से मूल्य सृजन तक: झारखंड के क्रिटिकल मिनरल्स के अवसर” रहा। चर्चा के दौरान यह तथ्य विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि भारत सरकार द्वारा चिन्हित 24 क्रिटिकल मिनरल्स में से 20 झारखंड में पाए जाते हैं। यह झारखंड को न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा बल्कि जियो-सिक्योरिटी और जियो-इकोनॉमिक रणनीति का भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाता है। प्रतिभागियों ने माना कि स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और भविष्य की तकनीकों में झारखंड की भूमिका आने वाले वर्षों में निर्णायक होगी।




https://live7tv.com/wp-content/uploads/2026/01/WhatsApp-Image-2026-01-22-at-12.57.05-PM-1024x683.webp




राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि झारखंड अब केवल खनन तक सीमित रहने वाला राज्य नहीं है। सरकार का फोकस अनुसंधान एवं विकास, मिनरल प्रोसेसिंग, उन्नत विनिर्माण और तकनीक-आधारित सहयोग को बढ़ावा देने पर है। इसी उद्देश्य से झारखंड सरकार एक व्यापक मिनरल प्रोसेसिंग नीति का मसौदा तैयार कर रही है, जिसमें निवेश प्रोत्साहन, वित्तीय समर्थन और मूल्य श्रृंखला के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। यह नीति यूके–भारत एफटीए, भारत–जर्मनी सहयोग और यूके–भारत व्यापार एवं सुरक्षा पहल जैसे अंतरराष्ट्रीय ढाँचों के अनुरूप तैयार की जा रही है।





चर्चा के दौरान जिम्मेदार खनन, टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों के उपयोग पर भी सहमति बनी। झारखंड की “प्रकृति के साथ विकास” की अवधारणा ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। राज्य ने यह संदेश दिया कि औद्योगिक विकास पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों के साथ संतुलन बनाकर ही संभव है।





इस अवसर पर “Beneath the Ground: Powering India’s Energy Security” शीर्षक से एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तक झारखंड की भूवैज्ञानिक समृद्धि और भारत की ऊर्जा सुरक्षा में राज्य की भूमिका को रेखांकित करती है।




https://www.deltin51.com/url/picture/slot1293.png

Pages: [1]
View full version: दावोस में झारखंड ने क्रिटिकल मिनरल्स पर वैश्विक मंच पर दिखाई रणनीतिक ताकत, ऊर्जा सुरक्षा में निभाएगा अहम भूमिका

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com