गुरुग्राम निगम ने अपनाया सूरत मॉडल, अब ऐप बताएगा अधिकारी फील्ड में गए या नहीं
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/Office-1769305825563_m.webpगुरुग्राम नगर निगम ने सूरत नगर निगम का मॉडल अपनाने का फैसला किया।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। अब नगर निगम के अधिकारियों को एसी कार्यालयों में बैठकर काम चलाने की आदत छोड़नी होगी। गुरुग्राम नगर निगम ने तैयारी कर ली है कि फाइलों के साथ-साथ अब धरातल पर उतरकर काम देखने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। शहर की बदहाल नागरिक सुविधाओं को सुधारने के लिए निगम ने सूरत नगर निगम का मॉडल अपनाने का फैसला किया है। एक विशेष इंस्पेक्शन एप विकसित किया गया है, जिसके जरिए यह सीधे पता चलेगा कि अधिकारी वास्तव में फील्ड में गए या नहीं।
इस इंस्पेक्शन एप के लागू होने के बाद हर अधिकारी के लिए 24 घंटे में कम से कम एक बार फील्ड विजिट अनिवार्य होगी। एप के माध्यम से अधिकारियों को रोजाना लक्ष्य दिया जाएगा और उन्हें अपने निर्धारित क्षेत्र में सीवर सफाई, जल आपूर्ति की स्थिति और सड़कों की मरम्मत जैसे कार्यों का निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के दौरान मौके से फोटो और रिपोर्ट एप पर अपलोड करनी होगी, ताकि फील्ड में मौजूदगी की पुष्टि हो सके।
निगम ने अधिकारियों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट कर दिया है। निगम आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त पूरे शहर में कहीं भी औचक निरीक्षण कर सकेंगे, जबकि संयुक्त आयुक्त अपने-अपने जोन और कार्यकारी अभियंता वार्ड स्तर पर निरीक्षण करेंगे। अगले दिन सुबह निगम आयुक्त स्वयं इन फील्ड रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे।
सूरत में रात को होता है सफाई का निरीक्षण
गुरुग्राम नगर निगम ने यह पहल गुजरात के सूरत नगर निगम से प्रेरित होकर की है। सूरत में नाइट राउंड एप के जरिए अधिकारी रात में सड़कों पर उतरकर सफाई व्यवस्था की निगरानी करते हैं। लाइव लोकेशन और तस्वीरें मुख्यालय से जुड़ी रहती हैं और किसी भी कमी पर तुरंत संबंधित विभाग को अलर्ट भेजा जाता है। इसी सख्ती के चलते सूरत लगातार स्वच्छता रैंकिंग में आगे रहा है।
गुरुग्राम में लंबे समय से यह शिकायत रही है कि अधिकारी फील्ड में नहीं जाते, जिससे ठेकेदार मनमानी करते हैं और समस्याएं बनी रहती हैं। नया इंस्पेक्शन एप इस खामी को दूर करेगा। निगम का दावा है कि डिजिटल निगरानी से न केवल जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि शहर की व्यवस्था भी सुधरेगी।
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