वाराणसी में लैंड पुलिंग योजना को मिली मंजूरी, किसानों को मिलेगी 30% विकसित जमीन
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/LandNews-1769310646470_m.webpजागरण संवाददाता, वाराणसी। लखनऊ में आइटी सिटी और वेलनेस सिटी में लागू लैंड पुलिंग योजना सफल होने के साथ बनारस में भी धरातल पर उतारने के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण बोर्ड में मुहर लगा दी गई है। लखनऊ में किसानों की जमीन को विकसित करने के साथ 25 प्रतिशत जमीन लौटाई गई।
वहीं, काशी में किसानों को पांच प्रतिशत अधिक 30 प्रतिशत भूमि लौटाई जाएगी। लैंड पुलिंग योजना में वीडीए पक्की सड़क, सीवर, पानी, बिजली और पार्क विकसित करके देगा। मढ़नी नई टाउनशिप योजना के लिए शासन ने 200 करोड़ जारी कर दिया है।
इससे पहले काशी स्पोर्ट्स सिटी के लिए 200 करोड़ जारी किया था। दोनों योजना मुख्यमंत्री की पहल पर लाई गई है। इसके अलावा कल्लीपुर टाउनशिप परियोजना प्रस्तावित है। वीडीए उपाध्यक्ष को लैंड पुलिंग योजना के तहत लैंड यूज बदलने का विशेष अधिकार दिया गया है।
किसानों की जमीन प्राइवेट डेवलपर्स से बचाने, उनके साथ हो रहे फर्जीवाड़ा और जमीन की अच्छी कीमत देने के लिए शासन ने लैंड पुलिंग योजना प्रमुखता पर लाई गई लेकिन किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं थे। किसानों का आरोप था कि उनकी जमीन विकसित करने के साथ 25 प्रतिशत लौटाई जा रही है जो काफी कम है। किसानों से वार्ता करने के बाद भी निर्णय लिया गया कि पांच प्रतिशत और बढ़ाने के साथ पूरी जमीन का 30 प्रतिशत लौटाई जाए जिससे उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
यह भी पढ़ें- बनारस ट्रेड फेयर में उमड़ी खरीदारों की भारी भीड़, मेले में मिल रहा 40% तक का भारी डिस्काउंट
लैंड पुलिंग योजना
[*]30 प्रतिशत विकसित भूमि मॉडल
इस मॉडल में किसान अपनी भूमि विकास प्राधिकरण को देता है। प्राधिकरण सुनियोजित तरीके से पूरी जमीन को विकसित करेगा।
[*]कोई विकास शुल्क नहीं
[*]कोई अलग खर्च नहीं
[*]सीधा लाभ किसान को
50 प्रतिशत विकसित भूमि माॅडल
इस माॅडल में भूमि का आंशिक विकास कर किसान/भू-स्वामी को 50 प्रतिशत विकसित भूमि दी जाती है। यह विकल्प विशेष रूप से 10 एकड़ या उससे अधिक भूमि वाले किसानों के लिए है।
किसान लैंड पुलिंग योजना में शामिल नहीं होना चाहता तो उसे मजबूर नहीं किया जाएगा। ऐसे किसान अपनी भूमि सीधे वाराणसी विकास प्राधिकरण को बेच भी सकते हैं, जिसमें भूमि का मूल्यांकन सर्किल रेट से चार गुना के आधार पर दिया जाएगा। यह दर सामान्य बाजार से कहीं अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद है।
-
-पुर्ण बोरा, उपाध्यक्ष, वीडीए
Pages:
[1]