आगरा में फर्जी मस्टरोल घोटाला: गड़बड़ी करने वाले तीन अधिकारी निलंबित, थानाध्यक्षाें के किए फेक साइन
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/Suspended-1769313275093_m.webpसांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। फर्जी हस्ताक्षर कर युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयं सेवकों के नाम पर भुगतान करने के आरोप में क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी सुरेश प्रताप व माधुरी यादव के अलावा वरिष्ठ लिपिक आलोक माहेश्वरी को निलंबित किया गया है। इनके विरुद्ध चार सदस्यी कमेटी ने जांच की थी, जिसमें इन्हें फर्जी तरीके से भुगतान किए जाने का दोषी पाया गया है।
थानाध्यक्षों के फर्जी हस्ताक्षर कर बनाया मस्टरोल, किया भुगतान
संजय पैलेस स्थित विकास भवन में पीआरडी का कार्यालय है। यहां से पीआरडी के स्वयं सेवकों की विभिन्न सरकारी कार्यालयों में ड्यूटी लगाई जाती है। डीवीवीएनएल, थाने व अन्य कार्यालयों में ड्यूटी पर भेजे जाते हैं। इसी की आड़ में जिले के चार थाने लोहामंडी, हरीपर्वत, किरावली और महिला थाना के थाना प्रभारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर पीआरडी के स्वयं सेवकों के पस्टरोल इन्होंने तैयार किए। इसकी शिकायत हुई।
उप निदेशक विवेक श्रीवास्तव ने चार सदस्यी कमेटी गठित की। जिसने जांच की। जांच में पाया गया कि स्वयं सेवकों के फर्जी मस्टरोल तैयार किए। थानाध्यक्षों के हस्ताक्षर बनाकर भुगतान कर दिया गया। यह रिपोर्ट शासन मुख्यालय भेजी गई। जहां से शनिवार को इन्हें निलंबित किए जाने का आदेश दिया गया है।
एडीओ पंचायत जांच में पाए दोषी नहीं हुई कार्रवाई
क्यूआर कोड भेजकर पैसे लेने का आरोप प्रधानों ने एडीओ पंचायत अछनेरा शैलेंद्र सिंह सोलंकी पर लगाया था। जिसकी सीडीओ प्रतिभा सिंह ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पंचायती राज मुख्यालय लखनऊ को रिपोर्ट भेज दी, लेकिन लगभग एक माह बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जांच में उन्हें दोषी पाया गया था। स्थानीय स्तर पर भी उनका चार्ज तक नहीं हटाया गया है। इस संबंध में ब्लाक के दो दर्जन से अधिक प्रधानों ने सीडीओ से शिकायत की है।
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