नोएडा छात्र सुसाइड केस: नियम दरकिनार कर रहे शैक्षणिक संस्थान, प्राइवेट हॉस्टलों का मकड़जाल; अव्यवस्थाओं की भरमार
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/25/article/image/Noida-Khabar-(72)-1769319376309_m.webpग्रेटर नोएडा स्थित इसी हॉस्टल में छात्र उदित सोनी ने की आत्महत्या। जागरण
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। विभिन्न राज्यों व प्रदेश के जिलों से गौतमबुद्ध नगर के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई करने वाले छात्रों से हॉस्टल के नाम पर मोटी रकम जमा करनी पड़ रही है। इसके बाद भी शैक्षणिक संस्थान उन्हें रहने के लिए नियमानुसार हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। प्रबंधन मनमानी कर संस्थान से कई किलोमीटर दूर के प्राइवेट हॉस्टलों में रखवा देते हैं।
इन हॉस्टलों में छात्रों की न तो सुरक्षा के इंतजाम हैं और न ही गुणवत्तापरक खाना मिल रहा है। आने जाने को लेकर भी कोई नियम कानून नहीं बने हैं। झांसी निवासी बीटेक का छात्र उदित सोनी इन्हीं अव्यवस्थाओं व नियमों का पालन नहीं होने के कारण आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हुआ है।
1.60 लाख रुपये जमा कराई गई थी फीस
छात्र जिस यूनिवर्सिटी में पढ़ता था, उसकी दूरी नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र के टीजेड हॉस्टल से कई किलोमीटर दूर है। उससे हॉस्टल की फीस करीब 1.60 लाख रुपये जमा कराई गई थी। वह दो वर्ष से इसी हॉस्टल के एक रूम में दो अन्य छात्रों के साथ रह रहा था। घटना के बाद हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि आने-जाने की प्रवेश गेट पर टाइमिंग नहीं दर्ज की जाती थी। बस रात 10 बजे से पहले आना होता था।
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नॉलेज पार्क स्थित ई जेड हास्टल में उदित सोनी द्वारा किए गए आत्महत्या की जानकारी के बाद पहुंची पुलिस। जागरण
हॉस्टल में सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं थे। यहां रहने वाले छात्र अलग-अलग संस्थानों में पढ़ते हैं। उनका कहना था कि संस्थान के माध्यम से ही उन्हें उक्त हॉस्टल में ठहराया गया है। जबकि नियमानुसार शैक्षणिक संस्थान के परिसर में ही हॉस्टल में रोकना चाहिए। छात्रों का यह भी कहना था कि खाना गुणवत्तापरक और समय से नहीं मिलता। तय मेनू के अनुसार भी नहीं मिलता। घटना के बाद आसपास के हॉस्टलों में रहने वाले छात्र भी पहुंचे थे।
उनका कहना था कि शैक्षणिक संस्थान प्रवेश के समय सभी सुविधाएं देने का वायदा करते हैं। वहीं प्रवेश के बाद मनमाने तरीके से जिन प्राइवेट हॉस्टलों से अनुबंध किए रहते हैं, उनमें रखवा देते हैं। प्रवेश मिलने व फीस आदि जमा करने के कारण मजबूरन उनके अनुसार बताए हॉस्टल में रहना पड़ता है। प्राइवेट हॉस्टलों में सफाई, सुरक्षा समेत अन्य अव्यवस्थाओं की भरमार रहती है।
छात्रों ने किया हंगामा
हॉस्टल मालिक और वार्डन की करतूत से उदित सोनी द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम से हॉस्टल में रहने वाले छात्र भड़क गए। छात्रों ने देर रात करीब 11:30 बजे तक डेढ़ घंटे परिसर में हंगामा किया और तोड़फोड़ की। हॉस्टल के बाहर खड़ी बसों के शीशे तोड़ दिए। हॉस्टल की बिल्डिंग में लगे शीशों पर भी पथराव किया।
हॉस्टल संचालक की प्रताड़ना से आत्मघाती कदम उठाने का आरोप
हॉस्टल में रहने वाले छात्रों का आरोप है कि संचालक के गलत व्यवहार और प्रताड़ना के चलते ही छात्र ने यह आत्मघाती कदम उठाया। इसके चलते आसपास के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन करने लगे। आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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